BIHAR NEWS : कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने विधानसभा में कहा- ग्रामीण मंडियों के सुदृढ़ीकरण पर है विशेष ध्यान
पटना : कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने गुरुवार को बिहार विधान सभा में बताया कि आगामी पांच वर्षों में दलहन उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए दलहन आच्छादन को 4.48 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 9.19 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 3.93 लाख मीट्रिक टन को बढ़ाकर 11.27 लाख मीट्रिक टन तक ले जाने की कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है. प्रसंस्करण एवं विपणन को बढ़ावा देने के लिए दलहन प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना सहित विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं.
वे राज्य में मंडियों के निर्माण और दाल उत्पादन से जुड़े प्रश्नों का जवाब दे रहे थे. उन्होंने कहा कि बिहार राज्य में दलहन फसलें प्रोटीन का प्रमुख स्रोत हैं. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन के अनुसार प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 25 ग्राम दाल की आवश्यकता होती है. इसके आलोक में राज्य सरकार कृषि रोडमैप के तहत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दलहन फसलों को प्रोत्साहित कर रही है. दलहन की खेती को प्राथमिकता देते हुए चालू वर्ष में विशेष“दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन”लागू किया गया है,जिसके लिए 93.75 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इसके अतिरिक्त राज्य योजना के अंतर्गत 30 करोड़ रुपये व्यय का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
दलहन बीज प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए बीज उत्पादन की कार्ययोजना तैयार की गई है,जिसके अंतर्गत 45,922 क्विंटल प्रमाणित बीज एवं 2,043 क्विंटल आधार बीज का उत्पादन किया जाएगा. साथ ही 1,15,742 क्विंटल उच्च गुणवत्ता वाले बीज किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे,जिससे लगभग 4.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में दलहनी फसलों का विस्तार संभावित है.
प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर हो रहा है ग्रामीण मंडियों का सुदृढ़ीकरण
कृषि मंत्री ने फसलों के क्रय-विक्रय के लिए मंडी निर्माण से संबंधित प्रश्न के उत्तर में बताया कि पटना जिला अंतर्गत पटना सिटी,मुसल्लहपुर,दानापुर,बिहटा,फतुहां,बाढ़ एवं मोकामा में कृषि बाजार प्रांगण स्थापित हैं. फुलवारी एवं पुनपुन प्रखंड के किसानों के लिए निकटवर्ती मुसल्लहपुर बाजार प्रांगण उपलब्ध है,जिससे किसानों को अपनी उपज के विपणन में सुविधा प्राप्त हो रही है.
प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर ग्रामीण मंडियों के सुदृढ़ीकरण का कार्य राज्य सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत किया जा रहा है. इस क्रम में पुनपुन प्रखंड स्थित जाहिदपुर ग्रामीण मंडी को भी सुदृढ़ किए जाने की योजना शामिल है. बिहार राज्य कृषि उपज बाजार (निरसन) अधिनियम, 2006 लागू होने के उपरांत बाजार समितियों को निरसित कर दिया गया है. ऐसी स्थिति में नई मंडियों के निर्माण के स्थान पर पुरानी एवं जर्जर मंडियों के जीर्णोद्धार तथा प्रखंड स्तरीय हाट-बाजार एवं ग्रामीण मंडियों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.





