BIHAR NEWS : ध्वनि और पर्यावरण प्रदूषण के बढ़ती समस्या पर पटना हाईकोर्ट सख्त, कई थाना प्रभारियों को लगाई फटकार
पटना: राजधानी पटना में ध्वनि और पर्यावरण प्रदूषण के बढ़ती समस्या पर लगाम कसने के लिए पटना हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई थाना प्रभारियों( थानाध्यक्षों) को कड़ी फटकार लगाई है. जस्टिस राजीव राय की एकल पीठ ने एक महत्वपूर्ण अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कानून प्रवर्तन तंत्र पर कड़ी नाराजगी जताई.
कोट ने स्पष्ट तौर पर कहा कि विभिन्न थानों द्वारा सौंपे गए कार्रवाई के हलफनामे पूरी तरह से असंतोषजनक हैं. संबंधित अधिकारी ध्वनि प्रदूषण रोकने से जुड़े न्यायिक आदेशों का जमीनी स्तर पर पालन कराने में विफल रहे हैं.
इस संवेदनशील मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता अजय न्यायमित्र के रूप में कोर्ट की सहायता कर रहे हैं,जबकि राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए सरकारी वकील प्रशांत प्रताप लगातार पुलिस प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी पीठ के समक्ष रख रहे हैं.
सुनवाई के दौरान अदालत ने पटना के प्रमुख इलाकों—गांधी मैदान,रूपसपुर,राजीव नगर—के साथ-साथ किशनगंज जिले के पोठिया थाना प्रभारी के काम के ढुलमुल रवैये पर भारी असंतोष प्रकट किया.
विशेष रूप से,बुद्ध कॉलोनी थाना प्रभारी की रिपोर्ट पर कोर्ट ने तीखी टिप्पणी की. अदालत ने पाया कि उक्त अधिकारी ने इलाके के मैरिज हॉलों से शपथ पत्र केवल चुनिंदा पक्षों के आधार पर लिया है. सभी हॉलों का विवरण छुपाया है.
कोर्ट ने बुद्ध कॉलोनी थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र में संचालित सभी मैरिज हॉलों की वास्तविक संख्या बताते हुए एक स्पष्ट जवाब दाखिल करें कि क्या सभी से अनिवार्य रूप से शपथ पत्र लिए गए हैं या नहीं.
मामले की सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने लापरवाही बरतने वाले थानों को फटकार लगाई,तब राज्य सरकार का बचाव करते हुए सरकारी वकील प्रशांत प्रताप ने मामले को संभाला. कोर्ट के समक्ष कुछ थानों द्वारा की गई ठोस कार्रवाई का ब्यौरा प्रस्तुत किया.
सरकारी वकील प्रशांत प्रताप ने विशेष रूप से कदमकुआं और छपरा पुलिस थानों की विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट पीठ के सामने रखी.
इस रिपोर्ट में अवैध लाउडस्पीकरों पर की गई जब्ती और संचालकों पर की गई कानूनी कार्रवाई के ठोस आंकड़े शामिल थे. प्रशांत प्रताप द्वारा प्रस्तुत इन रिपोर्टों की बारीकी से समीक्षा करने के बाद,हाईकोर्ट ने कदमकुआं और छपरा के थानों द्वारा किए गए कार्य को पूरी तरह संतोषजनक माना और उनकी कार्यशैली की खुलकर सराहना की.
इसके साथ ही,मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायमित्र अजय ने कोर्ट का ध्यान फुलवारी शरीफ इलाके में व्यावसायिक वाहनों द्वारा भारी प्रेशर हॉर्न के धड़ल्ले से हो रहे इस्तेमाल की ओर आकर्षित किया. इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अदालत ने फुलवारी शरीफ के थाना प्रभारी को भी तत्काल प्रभावी कदम उठाने और एक विस्तृत अनुपालन हलफनामा सौंपने का आदेश दिया.
प्रदूषण के बढ़ते दायरे को देखते हुए,जब बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिवक्ता ने अपना हलफनामा पेश किया,तो कोर्ट ने निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल पर भी चिंता जताई.
कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कड़े निर्देश दिए कि रूपसपुर के निर्माण क्षेत्रों में धूल को दबाने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए.
साथ ही,न्यायमित्र के सुझाव पर कोर्ट ने बिहटा के तेजी से विकसित हो रहे निर्माण क्षेत्रों में भी अनिवार्य रूप से पानी के छिड़काव का आदेश जारी किया. हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले की अगली सुनवाई को दस दिनों के लिए स्थगित कर दिया है.
कोर्ट ने नियमों का ठीक पालन नहीं करने वाले थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी अगली रिपोर्ट में की गई कार्रवाइयों की सटीक तारीखों और ठोस नतीजों का पूरा विवरण दर्ज करें.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-





