बिहार में बालू-पत्थर वाहनों पर सरकार की सख्ती : दूसरे राज्यों से आने वाले सभी वाहनों में अब जीपीएस होगा अनिवार्य,बढ़ेगी निगरानी
पटना: बिहार सरकार ने अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब दूसरे राज्यों से बालू और पत्थर लेकर बिहार आने वाले सभी वाहनों में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लगाना अनिवार्य होगा। खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि नई व्यवस्था से वाहनों की रियल टाइम निगरानी संभव होगी और अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
मंत्री ने बताया कि इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) व्यवस्था लागू होने के बाद प्रतिदिन करीब चार हजार वाहन दूसरे राज्यों से बिहार में प्रवेश कर रहे हैं। इन वाहनों की ऑनलाइन ट्रैकिंग के लिए जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली लागू की जा रही है। इससे खनिज परिवहन में पारदर्शिता बढ़ेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान करना आसान होगा।
सरकार के अनुसार आईएसटीपी व्यवस्था लागू होने के बाद पिछले लगभग दो महीनों में राज्य को 45 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह व्यवस्था खनिज परिवहन को व्यवस्थित करने के साथ-साथ राजस्व संग्रह बढ़ाने में भी मददगार साबित हुई है। सरकार का मानना है कि जीपीएस प्रणाली लागू होने के बाद राजस्व में और वृद्धि होगी तथा अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए खनन सिपाही के एक हजार पदों पर बहाली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि आधुनिक तकनीक और अतिरिक्त मानव संसाधन के सहारे अवैध खनन तथा अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।





