मुजफ्फरपुर के चर्चित पूर्व मेयर समीर हत्याकांड : साक्ष्य के अभाव में मुख्य आरोपित बरी,आठ साल पुराने मामले का ट्रायल समाप्त
BIHAR NEWS: मुजफ्फरपुर के बहुचर्चित पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में गुरुवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। चर्चित दोहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपित को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया जा सके।
यह मामला 23 सितंबर 2018 का है, जब मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर कुमार अपने चालक रोहित कुमार के साथ जा रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने उन पर एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। हमले में समीर कुमार और उनके चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे बिहार में सनसनी फैला दी थी और कानून-व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए थे।
हत्याकांड की जांच के बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। इसके बाद कई वर्षों तक मामले की सुनवाई चली। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाया गया है।
अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। वहीं, फैसले के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। इस चर्चित हत्याकांड के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी थीं। अदालत के फैसले के साथ इस लंबे समय से चल रहे मुकदमे का एक महत्वपूर्ण चरण समाप्त हो गया है, हालांकि कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की संभावना बनी रह सकती है।





