बिहार में शहद की मीठी छलांग : मधु क्रांति की तैयारी, बिहार सरकार लाएगी नई नीति
पटना: बिहार सरकार के प्रयासों से राज्य ने मधुमक्खी पालन एवं मधु उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है. विगत एक दशक में राज्य के मधु उत्पादन में 177 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि इस उपलब्धि को और गति देने और शहद की समग्र अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए राज्य सरकार शीघ्र ही नई नीति लाने जा रही है. राज्य सरकार मधु उत्पादन,प्रसंस्करण,गुणवत्ता,ब्रांडिंग और मार्केटिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य कर रही है,ताकि बिहार के शहद को देश-विदेश के बाजारों में बेहतर पहचान और उचित मूल्य मिल सके. वित्तीय वर्ष 2023-24 में राष्ट्रीय मधु उत्पादन में बिहार का योगदान 12.30 प्रतिशत रहा,जिससे राज्य ने अग्रणी मधु उत्पादक राज्यों में अपनी सशक्त पहचान बनाई है. वर्तमान में राज्य का मधु उत्पादन लगभग 18,600 मीट्रिक टन है तथा वर्ष 2025-26 के लिए 22,000 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की "मधुमक्खी पालन एवं मधु उत्पादन योजना'के जरिए हम छोटे सीमान्त,भूमिहीन परिवारों,महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को कम लागत,कम जगह और कम समय में रोजगार एवं अतिरिक्त आय का भरोसा दे रहें हैं.'छोटी पहल-बड़ा लाभ,घर-घर रोजगार की अवधारणा पर आधारित यह योजना,पोषण सुरक्षा,कृषि उत्पादकता और ग्रामीण उद्यमिता को मजबूती दे रही है.
मधु क्रांति की ओर बिहार
मंत्री ने कहा किसानों,महिलाओं व युवाओं को योजना का लाभ लेकर मधु क्रांति में ले भाग
मधुमक्खी पालन, शहद, मोम व अन्य उप-उत्पादों से प्रत्यक्ष आय के साथ-साथ प्राकृतिक परागण के जरिए फल, सब्जी और तिलहनी फसलों की उपज एवं गुणवत्ता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. योजना के अंतर्गत मधुमक्खी कॉलोनी, छत्ता/बॉक्स, शहद निष्कर्षण उपकरण (हनी इक्सट्रैक्टर) व फूड-ग्रेड कंटेनर (जो स्वच्छ निष्कर्षण, सुरक्षित भंडारण व गुणवत्ता संरक्षण में सहायक होगा) सहित आवश्यक उपकरणों पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. साथ हीं वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन, गुणवत्ता नियंत्रण, मानकीकरण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, परीक्षण और विपणन सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है. कृषि मंत्री ने किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण युवाओं से अपने-अपने जिला उद्यान कार्यालय से संपर्क कर योजना का लाभ उठाने और बिहार की 'मधु क्रांति" में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया.





