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BIG NEWS : बिहार में 16 IAS अधिकारियों का तबादला, प्रशासनिक मशीनरी को नई धार देने की कवायद

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पटना:बिहार सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए16आईएएस अधिकारियों का तबादला कर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कई जिलाधिकारियों,नगर आयुक्तों और विभागीय अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है. इस फेरबदल को सरकार द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

तबादला सूची में बांका के डीएम नवदीप शुक्ला को युवा,रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है. गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा को उच्च शिक्षा विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी मिली है. किशनगंज के डीएम विशाल राज को बिहार राज्य पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है. पूर्णिया नगर निगम के नगर आयुक्त कुमार मंगलम को राजस्व पर्षद का सचिव नियुक्त किया गया है.

मुजफ्फरपुर के डीडीसी श्रेष्ठ अनुपम को वित्त विभाग में संयुक्त सचिव,गया नगर निगम के नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया को पथ निर्माण विभाग में संयुक्त सचिव तथा भागलपुर के डीडीसी प्रदीप सिंह को पर्यटन विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है. नालंदा के बिहारशरीफ नगर निगम के नगर आयुक्त कुमार निशांत विवेक को प्राथमिक शिक्षा निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है. औरंगाबाद की डीडीसी अनन्या सिंह को जीविका में अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है तथा उन्हें मनरेगा आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है.

इसके अलावा स्पर्श गुप्ता को राज्य स्वास्थ्य समिति में अपर कार्यपालक निदेशक,शीर्षत कपिल अशोक को कम्फेड का प्रबंध निदेशक,नवल किशोर चौधरी को बिहार राज्य संचरण कंपनी लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है. सौरभ जोरवाल,अनिमेष कुमार पराशर,निलेश रामचंद्र देवरे और प्रशांत कुमार सीएच को अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं. वहीं राहुल कुमार को कुछ अतिरिक्त जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया है.

क्या हैं इस फेरबदल के मायने?

राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों के अनुसार यह तबादला केवल पदस्थापन नहीं बल्कि आगामी विकास योजनाओं,रोजगार,शिक्षा,ऊर्जा,स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों में नई कार्यशैली लाने की रणनीति है. जिलों में कार्य कर चुके अधिकारियों को विभागीय जिम्मेदारी देकर सरकार जमीनी अनुभव का लाभ लेना चाहती है. वहीं ऊर्जा,शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में नए अधिकारियों की तैनाती से परियोजनाओं की गति बढ़ाने का संदेश भी दिया गया है. विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासनिक दक्षता और विकास कार्यों की निगरानी मजबूत करने की दिशा में भी इस फेरबदल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--