BIG BREAKING : नाबालिग छात्र को दो माह जेल में रखे जाने पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकर को 5 लाख मुआवजा देने का निर्देश
Patna : पटना हाईकोर्ट ने मधेपुरा के नाबालिग छात्र को पुलिस द्वारा अवैध रूप से गिरफ्तार कर दो माह जेल में रखे जाने पर सख्त रुख अपनाया. जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने छात्र के परिजनों द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए इस गिरफ्तारी को असंवैधानिक करार देते हुए राज्य सरकर को पांच लाख रुपये मुआवजा पीड़ित छात्र को देने का आदेश दिया.
कोर्ट ने कहा है कि कोर्ट संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने के प्रतिबद्ध है और वह मूकदर्शक नहीं रह सकता. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुआवजे की रकम दोषी अधिकारियों से वसूल की जाय.
कोर्ट ने मुकदमे बतौर खर्च भी पंद्रह हजार रुपये याचिकाकर्ता को देने का निर्देश दिया. कोर्ट ने छः माह में पूरी धनराशि अधिकारियों से वसूलने का निर्देश दिया.
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मधेपुरा जिला के पुलिस और मजिस्ट्रेट मी भूमिका पर सवाल उठाये. कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट भी छात्र की स्वतंत्रता की रक्षा करने में विफल रहे. उसे दो माह से अधिक अवैध रूप से जेल में रह कर कष्ट झेलना पड़ा.
इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को पुलिस वालों के विरुद्ध प्रशासनिक जांच कर उनकी लापरवाही के लिए कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया.





