BIG BREAKING : मोतिहारी जहरीली शराब कांड में सम्राट सरकार का बड़ा एक्शन, 10 मौतों के बाद 14 उत्पाद पुलिस अधिकारी सस्पेंड
पटना: बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब कांड में सम्राट सरकार ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है. पूर्वी चंपारण जिले में जहरीली शराब और स्प्रिट पीने से हुई10लोगों की मौत के मामले में मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग ने14उत्पाद पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है.
सरकार की जांच में सामने आया कि मोतिहारी के उत्पाद थाना और चलिष्णु दल की टीम शराब और अवैध स्प्रिट के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल रही. जांच रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि जनवरी से मार्च2026तक अवैध शराब और स्प्रिट तस्करी को लेकर एक भी बड़ा मामला दर्ज नहीं किया गया. अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने न तो खुफिया सूचना जुटाई और न ही शराब माफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई की.
निलंबित अधिकारियों में निरीक्षक मनीष सर्राफ, मो. सेराज, धर्मेंद्र कुमार समेत कई अवर निरीक्षक और सहायक अवर निरीक्षक शामिल हैं. विभाग ने निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय भागलपुर, मुजफ्फरपुर और अन्य मद्य निषेध ग्रुप सेंटरों में तय किया है.
मुख्यमंत्रीSamrat Choudhary ने साफ कहा है कि बिहार में शराबबंदी कानून सख्ती से लागू रहेगा और कानून तोड़ने वाले अधिकारियों या शराब माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
इस घटना ने एक बार फिर बिहार में शराबबंदी कानून की जमीनी स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, वहीं मृतकों के परिजन दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और शराब माफियाओं की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--





