BIG BREAKING : पटना को मिला दिल्ली-एनसीआर जैसा तोहफा, रिंग रोड के अंतिम चरण को केंद्र की मंजूरी
Patna : पटना रिंग रोड परियोजना के आठवें और अंतिम चरण को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है. इसके साथ ही करीब 21 वर्षों से प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने का रास्ता साफ हो गया है. लगभग 150 किलोमीटर लंबी इस रिंग रोड परियोजना पर करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
जानकारी के अनुसार,अंतिम चरण में दीघवारा से सराय के बीच लगभग 30 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा. इस खंड के निर्माण पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. यह मार्ग गंगा के उत्तर क्षेत्र में वैशाली और सारण जिलों को जोड़ने का काम करेगा. भूमि अधिग्रहण पर होने वाले खर्च का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा बिहार सरकार वहन करेगी.
पटना रिंग रोड का निर्माण आठ चरणों में किया जा रहा है. कई हिस्सों का काम पूरा हो चुका है,जबकि अन्य चरणों में निर्माण कार्य जारी है. अंतिम चरण की मंजूरी मिलने के बाद पूरी परियोजना को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
रिंग रोड के निर्माण से पटना शहर में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद मिलेगी. दूसरे जिलों से आने वाले भारी वाहन शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रवेश किए बिना सीधे रिंग रोड का उपयोग कर सकेंगे. इससे आम लोगों का सफर अधिक सुगम और समय की बचत वाला होगा.
यह परियोजना कन्हौली,शेरपुर,सराय,कच्ची दरगाह,बिदुपुर,चकसिकंदर,दीघवारा और दीदारगंज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगी. साथ ही राज्य के सात राष्ट्रीय राजमार्गों और पांच प्रमुख राज्य मार्गों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगी. माना जा रहा है कि यह परियोजना पटना समेत आसपास के जिलों के आर्थिक और शहरी विकास को नई दिशा देगी.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-





