भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस : मृतक भरत के चचेरे भाई पर पहले से हैं दो मामले दर्ज
पटना : भोजपुर जिले के शाहपुर थाना के बिलौटी गांव में पुलिस के साथ हुई घटना में भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर उसके चचेरे भाई आशीष तिवारी का एक वीडियो वायरल हो रहा है,जिसमें वह स्वयं को पुलिस में सिपाही की नौकरी छोड़कर आने और भाई का बदला लेने का दावा करता दिख रहा है. परंतु हकीकत यह है कि आरक्षी संख्या 647 आशीष तिवारी के खिलाफ पहले से ही विभागीय कार्रवाई चल रही है और वह वर्तमान में मोतिहारी पुलिस लाइन में तैनात है. दोनों मामले मोतिहारी जिले में ही अलग-अलग थानों में दर्ज हैं.
आशीष तिवारी के खिलाफ 2023 और 2024 में दो अलग-अलग विभागीय कार्रवाई दर्ज की गई है और दोनों मामले की वर्तमान में जांच जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. दोनों मामलों में सहकर्मियों के साथ मारपीट,धमकी देने और हथियारों के दुरुपयोग से संबंधित आरोप है. पुलिस मुख्यालय से प्राप्त सूचना के मुताबिक,2023 में आशीष की तैनाती मोतिहारी के हरपुर ओपी में थी. विभागीय कार्यवाही क्रमांक 21/2023 के अनुसार,दिनांक 07 जनवरी 2023 को रात्रि लगभग 10 बजे अशीष तिवारी ने ड्यूटी के दौरान अचानक साथ कार्यरत पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की. आरोप है कि उन्होंने गार्ड रूम में हथियार तलाशने का प्रयास किया तथा हथियार न मिलने पर चाकू लेकर पुलिस अधिकारी और अन्य कर्मचारियों के पीछे दौड़ा. इस प्रकरण में उसे दंड स्वरूप छह माह के लिए वेतनवृद्धि (इन्क्रीमेंट) रोके जाने के साथ चेतावनी दी गई थी.
उसके खिलाफ दूसरी विभागीय कार्यवाही क्रमांक 58/2024 भी लंबित है. इस दौरान उसकी तैनाती जिले के पिपरा कोठी थाने में थी. इस मामले में दर्ज आरोपों के अनुसार,17 अगस्त 2024 को पैंथर टीम में ड्यूटी के दौरान उन्होंने अपने साथ कार्यरत कर्मचारियों एवं गार्ड के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया. इस दौरान उसने 9 मिमी पिस्तौल को कॉक कर गार्ड की ओर फायर भी कर दिया था. मामले में हस्तक्षेप करने वाले विभागीय अधिकारियों को भी उन्होंने धमकाया एवं फायर कर दी. अधिक दबाव बनाए जाने पर स्वयं को गोली मारने की भी धमकी दी थी. घटना के संबंध में एफआईआर क्रमांक 173/2024 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के अंतर्गत दर्ज की गई है.





