Hindi News / फिर भी RLM का समीकरण अनसुलझा, अब दीपक प्रकाश का क्या होगा ?

NDA में सब सेट : फिर भी RLM का समीकरण अनसुलझा, अब दीपक प्रकाश का क्या होगा ?

Edited By:  |
 All set in NDA  All set in NDA

बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर एनडीए में सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है। भाजपा, जेडीयू और लोजपा (रामविलास) अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुके हैं। लेकिन इनसब के बीच एक बड़ा सवाल सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के दीपक प्रकाश विधान परिषद कैसे पहुंचेंगे? क्या एनडीए में उनके लिए कोई जगह बची है या फिर उन्हें इंतजार करना होगा? वहीं मंत्री पद को लेकर भी अटकलें तेज हैं।

भाजपा, जेडीयू और लोजपा (रामविलास) ने बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर अपने पत्ते खोल दिए हैं। 9 सीटों पर तीनों दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। इसके साथ ही एनडीए के भीतर सीटों के बंटवारे की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। भाजपा ने अपने कोटे से संजय मयूख, पवन सिंह, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को मैदान में उतारा है। वहीं जेडीयू ने निशांत कुमार, ललन प्रसाद (नीतीश कुमार की खाली हुई सीट पर उपचुनाव के उम्मीदवार), भारती मेहता और शिवरानी देवी को टिकट दिया है।

इसके अलावा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने पार्टी के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया है।कुल 10 सीटों में से एक सीट महागठबंधन के खाते में जाना लगभग तय माना जा रहा है। ऐसे में एनडीए के हिस्से में 9 सीटें आती हैं, जिनमें से सभी सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है।

अब सबसे बड़ा सवाल राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और उसके प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को लेकर खड़ा हो गया है। उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीद थी कि जेडीयू अपने कोटे से एक सीट उनकी पार्टी को देगी। हालांकि, उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद ऐसा होता नहीं दिख रहा है। भाजपा पहले ही उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा भेज चुकी है, लेकिन विधान परिषद चुनाव में उनकी पार्टी को प्रतिनिधित्व मिलता नजर नहीं आ रहा।

ऐसे में सवाल उठता है कि RLM के दीपक प्रकाश विधान परिषद कैसे पहुंचेंगे? क्या उन्हें कोई अन्य राजनीतिक समायोजन मिलेगा या फिर उन्हें इंतजार करना पड़ेगा? साथ ही, यदि प्रतिनिधित्व नहीं मिलता है तो मंत्री पद को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं कि उनकी मौजूदा स्थिति बरकरार रहेगी या उसमें कोई बदलाव होगा।बिहार एनडीए की राजनीति में अब नजर अगले दांव पर है, किसकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी होगी और किसे समझौता करना पड़ेगा ? बड़ा सवाल है।

हालांकि इस मामले और मौजूदा हालात पर RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि अभी 8 जून आने में समय है। ऐसे में किसी तरह की जल्दबाजी या चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि सही समय आने पर सभी राजनीतिक समीकरण स्पष्ट हो जाएंगे।

पटना से राजीव रंजन की स्पेशल रिपोर्ट