अफीम खेती के खिलाफ IG अखिलेश झा का बड़ा अभियान : ड्रोन, ट्रैक्टर और जवानों के साथ उतरे खेत में, दिया कड़ा निर्देश
रांची : राजधानी रांची से सटे बुंडू अनुमंडल के तमाड़ इलाका अफीम की खेती को लेकर सुर्खियों में है. राज्य के डीजीपी और गृह सचिव जहां हाई लेवल मीटिंग कर अफीम की खेती रोकने के लिए ग्रामीणों से अपील कर रहे हैं. वहीं पुलिस द्वारा अफीम फसल का विनष्टीकरण कार्य जोर शोर से चल रही है. इसी को लेकर रांची जोन के आईजी अखिलेश झा ने गुरुवार को तमाड़ के सुदूरवर्ती गांव पहुंच कर इसका जायजा लिया. उन्होंने इस दौरान तमाड़ थाना क्षेत्र के परासी के पास के गांवों में ड्रोन, ट्रैक्टर और सैकड़ो जवानों को लेकर अफीम लगे खेतों में उतर गये.
आईजी ने अफीम के खेतों में पहुंचकर अफीम लगे खेतों का मुआयना किया. खेत में पहुंचे आईजी अखिलेश झा ने पुलिस प्रशासन को दिशा-निर्देश देते हुए मामले की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को कड़ा निर्देश देते हुए कहा है कि किसी भी हालत में अफीम की खेती नष्ट हो जाए. चाहे जैसा भी करना पड़े. उन्होंने अतिरिक्त मजदूर भी लगाने का निर्देश दिया है. वहीं खेती को देखने के लिए ड्रोन का भी उपयोग किया जा रहा है. इस दौरान खेत में पहुंचे आईजी और ग्रामीण एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने भी अफीम फसल पर डंडे भी बरसाये. उनके साथ बुंडू डीएसपी ओमप्रकाश, तमाड़ थाना प्रभारी सहित पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे और आईजी ने ये भी कहा कि अफीम की खेती करते कोई भी पकड़ायेगा तो उसे 20 साल सजा होगी.
इस मौके पर आईजी अखिलेश झा ने बताया कि बुंडू अनुमंडल क्षेत्र में भारी तादाद में अफीम की फसल उगाते गये हैं. जिन्हें विनष्ट करने के लिए झारखण्ड सरकार का विशेष निर्देश है. वहीं इस काम के लिए गृह सचिव, डीजीपी, डीआईजी आदि सारे पदाधिकारी लगे हुए हैं कि झारखण्ड से नशे की खेती अफीम पर लगाम लगाया जा सके. इसके लिए बुंडू अनुमंडल क्षेत्र के सभी थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि एक भी अफीम का फसल ना बच सके. इसके लिये जो भी जरूरत हो वो पूरी की जायेगी. लोग अपने खेतों से अफीम की फसलों को स्वयं ही नष्ट कर दें. अन्यथा पुलिस फसल विनष्ट करती है तो उसका खर्च भी किसानों से ही लेगी और ग़ैर कानूनी कार्य करने पर उन्हें जेल जाना पड़ेगा. पुलिस इसके लिए सख्त कदम उठायेगी.