अभी कितना इंतजार! : नई नियमावाली के तहत बिहार में होगी सातवें चरण की नियुक्ति..गेस्ट टीचर को मिलेगी प्राथमिकता..
Patna:-सातवें चरण की शिक्षक बहाली को लेकर अभ्यर्थी लगातार आन्दोलन कर रहें हैं.इस आन्दोलन को लेकर सरकार के नए डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने इन अभ्यर्थियों से थोड़ा धर्य रखने की अपील की है.इस बीच जानकारी मिली है कि महागठबंधन की सरकार सातवें चरण की शिक्षक नियुक्ति में बड़ा बदलाव करने जा रही है और इसमें गेस्ट टीचर को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव तैयार कर रही है.सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने शिक्षक नियुक्त का मसौदा तैयार कर लिया है और उसे वित्त विभाग में मंजूरी के लिए भेजा गया है.
वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद इसे कैबिनेट में रखा जाएगा और वहां से मंजूरी मिलने के बाद शिक्षक नियोजना के सातवें चरण की प्रकिया शुरू कर दी जायेगी.शिक्षक नियोजन का नया मसौदा तैयार करने की वजह से सातवें चरण की की नियुक्ति प्रकिया में विलंब होने की संभावा है क्योंकि नीतीश कुमार के एनडीए की सकार में शिक्षा मंत्री रहे विजय चौधरी ने सितंबर माह में प्रकिया शुरू करने का आश्वासन दिया था ,पर बाद में महागठबंधन की सरकार बनने पर शिक्षा विभाग आरजेडी कोटे में चन्द्रशेखर सिंह को मिली है.

नई प्रकिया के तहत सातवे चरण में कक्षा एक से लेकर बारहवीं तक करीब 2 लाख शिक्षकों की नियुक्ति एक साथ सेन्टरलाईज तरीके से होगी यानी ..इस बार पहले की तरह अलग अलग नियोजन इकाई में जाकर आवेदन नहीं करना पड़ेगा.नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थी किस नियोजन इकाई में शिक्षक बनना चाहते,इसका ऑप्शन मांगा जाएगा। नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कमेटी होगी,जो आवेदन की स्क्रूटनी कर अंतिम मेधा सूची तैयार कराएगी।
नई नियमावली के तहत में बीटेट, सीटेट और एसटीईटी के रिजल्ट पर 60 प्रतिशत और शैक्षणिक व प्रशिक्षण योग्यता (मैट्रिक से स्नातकोत्तर, डीएलएड और बीएड तक) 40 प्रतिशत वेटेज का प्रावधान है।इसमें अतिथि शिक्षक को अलग से वैटेज देनी है.प्राथमिक स्कूलों में करीब एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति होनी है.इसके लिए BTET और CTET उत्तीर्ण लगभग 2.50 लाख अभ्यर्थी हैं.वहीं हाईस्कूलों में लगभग 75 से 80 हजार सीटों पर बहाली होनी है.





