रिम्स में वेतन संकट पर फूटा गुस्सा : महीनों से मेहनताना नहीं मिलने पर स्थायी कर्मचारियों ने प्रबंधन का किया घेराव
रांची: Rajendra Institute of Medical Sciences (RIMS) में वेतन भुगतान को लेकर डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और अन्य स्थायी कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. तमाम कर्मचारियों ने पिछले दो से ढाई महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाया है. अपनी मांगों को लेकर आक्रोशित कर्मियों ने रिम्स डायरेक्टर कार्यालय का जोरदार घेराव किया और परिसर में ही धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए. इससे पहले भी रिम्स में वेतन संबंधी मुद्दों को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं.नर्सों का कहना है वेतन नहीं मिलने के कारण घर चलना मुश्किल हो गया है. आर्थिक संकट से जूझने लगे हैं.
कर्मचारियों का कहना है कि वेतन और ओल्ड पेंशन स्कीम जैसी जायज मांगों को लेकर उन्हें बार-बार सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया जा रहा है. यह तीसरा मौका है जब उन्हें अपनी ही मेहनत की कमाई के लिए रिम्स प्रबंधन कार्यालय का घेराव करना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. संस्थान के करीब 1,500 से अधिक स्थायी कर्मचारी वेतन संकट से जूझ रहे हैं. इस संकट का सबसे गंभीर असर रिम्स के जूनियर डॉक्टरों पर भी देखने को मिल रहा है.
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पीजी फर्स्ट ईयर के कई डॉक्टरों को पिछले करीब छह महीने से वेतन, स्टाइपेंड का भुगतान नहीं किया गया है. डॉक्टरों के लिए छह महीने तक बिना पैसों के गुजारा करना बेहद आर्थिक प्रताड़ना जैसा हो गया है.





