रांची : झारखंड में नक्सलियों को नेस्तनाबूद करने की रणनीति तेज,31 मार्च तक नक्सल मुक्त देश बनाने का टारगेट
रांची:देश को नक्सली मुक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकारलगातार अभियान चला रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र सरकार के निर्धारित समय सीमा के अंदर नक्सल मुक्त अभियान को पूरा करने पर जोर दिया है. 31 मार्च 2026 तक नक्सली मुक्त देश बनाने का टारगेट को लेकर नक्सल प्रभावित राज्यों में नक्सलियों के विरूद्द लगातार अभियान चलाया जा रहा. ऐसे में नक्सल प्रभावित राज्यों में शामिल झारखंड भी रणनीति के तहत काम कर रहा है.
लगातार नक्सलियों का हो रहा खात्मा
केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बनाने का समय निर्धारित किया है. इसको लेकर बीते फरवरी महीने में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में हाई लेवल मीटिंग भी की थी. जिसमें नक्सल प्रभावित पांच राज्यों के डीजीपी भी मौजूद थे. झारखंड के डीजीपी भी इस बैठक में शामिल हुए थे. इधर, निर्धारित समय सीमा के अंदर झारखंड पुलिस भी राज्य को नक्सली मुक्त करने में लगी हुई है. झारखंड पुलिस का दावा है कि राज्य में महज कुछ नक्सली ही अपना वजूद बचाने में लगे हुए हैं. बीते कुछ दिन पहले सारंडा जंगल में भी सर्च अभियान के दौरान कई नक्सलियों का खात्मा हुआ था.
आत्मसमर्पण नीति हुई कारगर साबित
झारखंड पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान का ही नतीजा है कि वर्तमान में नक्सल इलाके सिमट कर महज 4 जिलों में ही सीमित रह गई हैं. हालांकि, अब सिर्फ एक ही जिला यानी पश्चिमी सिंहभूम का चाईबासा है जहां नक्सलियों का धमक है. सरकार की आत्मसमर्पण नीति,नक्सल इलाकों में विकास कार्य,पुलिस बलों में इजाफा,केंद्रीय बलों की नक्सल इलाकों में प्रतिनियुक्ति नक्सलियों के आतंक के सफाए में कारगर साबित हुए है.
झारखंड पुलिस का अभियान बदस्तूर जारी
बहरहाल, आईजी ऑपरेशन डॉ.माइकलराज एस का कहना है कि नक्सलियों के अंत के लिए झारखंड पुलिस का अभियान बदस्तूर जारी है. नक्सलियों के विरूद्ध सर्च अभियान में लगातार पुलिस को सफलता मिल रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल मार्च 31 तक झारखंड को नक्सल मुक्त बनाने में पुलिस कामयाब होगी.





