नवादा समाहरणालय का घेराव : सैकड़ों महादलित परिवारों ने डीएम से की आवासीय समाधान की मांग
नवादा: जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र के नारदीगंज प्रखंड स्थित कोशला डीह के सैकड़ों भूमिहीन महादलित परिवारों ने सोमवार को समाहरणालय का घेराव किया. महादलित परिवार के लोगों ने जिलाधिकारी को आवेदन सौंपकर आवासीय समस्या के तत्काल समाधान की मांग की.
कोशला डीह में बसेपरिवारों कोउजाड़ने का प्रयास
आवेदन के माध्यम से डीसी को बताया गया कि कोशला डीह में कई पीढ़ियों से बसे इन परिवारों को कुछ दबंग लोग उजाड़ने का प्रयास कर रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन पर वे पीढ़ियों से काम रह रहे हैं,उसे अब रैयती जमीन बताकर खाली करवाने का दबाव बनाया जा रहा है.
लंबे समय से उन्हें विभिन्न तरीकों से प्रताड़ित करने का आरोप
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि लंबे समय से उन्हें विभिन्न तरीकों से प्रताड़ित किया जा रहा है. आरोप है कि उनसे गुलामों की तरह काम करवाया जाता है, महिलाओं को शौच जाने से रोका जाता है और चोरी का झूठा आरोप लगाकर बच्चों को जेल भेजवा दिया जाता है. खुद को भूस्वामी बताने वाले कुछ लोग लगातार जुल्म कर रहे हैं,जिससे सैकड़ों दलित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
विधायक ने दिए कार्रवाई के निर्देश
इस मामले की शिकायत पहले सदर विधायक विभा देवी के आवास और कार्यालय में भी की गई थी.विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी और अंचलाधिकारी को पत्र लिखकर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
परिवारों को वैकल्पिक स्थान पर सरकारी जमीन उपलब्ध कराने की अपील
प्रत्येक परिवार की ओर से व्यक्तिगत आवेदन भी दिया गया है. इसमें मांग की गई है कि सभी परिवारों को वैकल्पिक स्थान पर सरकारी जमीन उपलब्ध कराकर स्थायी रूप से बसाया जाए, ताकि वे शांतिपूर्वक जीवन यापन कर सके और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ ले सके.
पीड़ित परिवारों ने की सुरक्षा औरपुनर्वास की मांग
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि आठ दिन पहले आम तोड़ने को लेकर हुए विवाद में प्राथमिकी दर्ज कर कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी. विधायक और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रयास से मामला शांत कराने की कोशिश की गई थी,लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है. पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से सुरक्षा के साथ-साथ पुनर्वास की ठोस व्यवस्था करने की मांग की है.





