नवादा कांड : नौ सदस्यीय समिति ने मंगनी लाल मंडल को सौंपी जांच रिपोर्ट,कहा-प्रशासन की लापरवाही से भड़की हिंसा
पटना: नवादा जिले के रोह में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का मामला सियासी मोड़ ले लिया है. इस मामले को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने सख्त रूख अपनाया है.अप्रत्याशित घटना की जांच के लिए नौ सदस्यीय जांच समिति के अध्यक्ष पूर्व मंत्री इसराइल मंसूरी के नेतृत्व में घटना स्थल के निरीक्षण के बाद जांच समिति के सदस्यों ने प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को जांच रिपोर्ट सौंपा है.
प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि पूर्व मंत्री इसराइल मंसूरी के साथ सभी सदस्यों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर सारे मामलों और घटनाओं की जानकारी प्राप्त की. जांच समिति ने बताया कि जो घटना घटित हुई है ,वो प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है. यदि पहले से ही नवादा जिला प्रशासन और रोह थाना डीजे को जप्त कर लिया होता और जुलूस के समय सीमा का पालन सुनिश्चित कराया होता, तो इस तरह की घटना टल सकती थी.
समिति का यह स्पष्ट मानना है कि लोगों में भय को समाप्त करने के लिए निर्दोषों को फंसाने वाली कार्रवाई चल रही है. इस पर तत्काल रोक लगने और वास्तविक दोषी पर कार्रवाई का मांग की गई है. साथ ही निर्दोषों के उत्पीड़न को तत्काल बंद किया जाए. जांच समिति ने राज्य सरकार से मांग की है कि लूट और आगजनी के शिकार गरीब दुकानदारों और फल एवं सब्जी विक्रेताओं को तत्काल क्षतिपूर्ति का आकलन कर मुआवजा दिया जाए और शांति और सद्भाव की बहाली के लिए गंभीर कार्रवाई की जाए.
जांच समिति के सदस्यों में विधान पार्षद डॉ. उर्मिला ठाकुर, पूर्व विधान पार्षद सलमान रागीब, पूर्व विधायक सतीश दास,बबलू मालाकार एवं नवादा जिला अध्यक्ष उदय यादव भी स्थल निरीक्षण में मौजूद रहे.





