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महिला आरक्षण पर सवाल : JMM ने केंद्र की मंशा पर जताया संदेह,अचानक लागू होने पर दिया साजिश करार

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रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि 19वीं लोकसभा का बजट सत्र खत्म होने के बाद संसद में तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें 21 संविधान संशोधन लाने की बात कही जा रही है. सुप्रियोभट्टाचार्य ने सवाल उठाते हुए कहा कि इतने महत्वपूर्ण संशोधनों को इतने कम समय में लाने की क्या जरूरत है. उन्होंने इसे जल्दबाजी में लिया गया निर्णय बताते हुए सरकार की मंशा पर संदेह जताया है.

महिला आरक्षण की टाइमिंग पर उठे सवाल

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल पास हो चुका था, लेकिन उस समय इसे लागू नहीं किया गया. अब अचानक इसे लागू करने की बात कही जा रही है, जिससे साजिश की बू आ रही है. उन्होंने कहा कि सरकार पहले 2025 में जनगणना और जातीय जनगणना के बाद इसे लागू करने की बात कह रही थी, लेकिन 2026 का एक तिहाई समय बीत जाने के बावजूद जनगणना की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है.

जनगणना और परिसीमन को लेकर आशंका

सुप्रियो भट्टाचार्य नेआरोप लगाया है कि महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन की तैयारी की जा रही है. बिना जनसंख्या के सटीक आंकड़ों के सीटों का बंटवारा कैसे होगा, यह बड़ा सवाल है. इससे छोटे और दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ेगा, जहां जनसंख्या नियंत्रण पर काम हुआ है. उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है.

सहयोगी दलों से समर्थन वापस लेने की अपील

सुप्रियोने आगे कहा कि इस प्रक्रिया से आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को नुकसान हो सकता है. उन्होंने चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार से अपील करते हुए कहा कि अगर वे अपने राज्यों के हित में हैं, तो उन्हें बीजेपी से समर्थन वापस लेना चाहिए. अंत में उन्होंने कहा कि पहले देश में जनगणना और जातीय गणना कराई जाए, उसके बाद ही महिला आरक्षण लागू किया जाना चाहिए.

रांची से संवाददाता राहुल कुमार की रिपोर्ट