झारखंड विधानसभा : सदन की दूसरे पाली में सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस, खबर में जानिए किसने क्या कहा
रांची:झारखंड विधानसभा के बजट सत्र मेंसदन की दूसरे पाली बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने आंकड़ों पर सवाल उठाया तो, सत्ता पक्ष ने कहा कि राज्य सरकार ने बजट के माध्यम से विकास को एक अलग दिशा देने का प्रयास किया है. राज्य सरकार ने राज्य कोसी घाटे को निर्धारित समय 3% से काम रखने में कामयाब रही है. इस बजट में किसानों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए की गई व्यवस्था सराहनी है. किसान ऋण माफी के माध्यम से भवनाथपुर विधानसभा के हजारों किसान लाभान्वित हुई है. सरकार ने राज्य में पुल पुलिया बचाने के लिए बड़ी राशि की व्यवस्था बजट में की है.
सत्ता पक्ष ने बजट को जनहित में बताया उपयोगी
मुख्यमंत्री सड़क योजना के माध्यम से सैंकड़ो किलोमीटर सड़क बनाने का लक्ष्य रखा गया है. भवनाथपुर में सब स्टेशन के नवीनीकरण के लिए बजट का प्रावधान किया गया है. सरकार ने सर्वजन पेंशन योजना लागू की है इस बजट में सामाजिक सुरक्षा के लिए 15% की व्यवस्था की गई है. कम एक्सीलेंस के माध्यम से शिक्षा की उत्तम व्यवस्था की गई है, जिससे गरीब बच्चों को गुणोत्तर पर शिक्षा प्राप्त कर सके. सत्ता पक्ष के विधायकों ने कहा कि बीजेपी की सरकार में पलामू प्रमंडल में सिर्फ तीन से चार घंटा बिजली मिलती थी, लेकिन जब से हमारी सरकार बनी है 22 से 23 घंटा बिजली मिल रही है.
बजट पर विपक्षी विधायक ने उठाया सवाल
बजट पर विपक्ष की तरफ से विधायक राज सिन्हा ने कहा कि वित्त मंत्री सच्चाई पसंद व्यक्ति है, लेकिन सरकार के साथ आने के बाद से बदल गए है. बजट 2024-25 में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी और इस बार के बजट में 9 प्रतिशत वृद्धि हुई है. धनबाद में सड़क और पीने की पानी की समस्या है. इसके अलावा जिले की मुख्य 48 सड़के भी नहीं बनी हैं. हर साल बजट का नाम बदला है, लेकिन बजट का स्वरूप नहीं बदला. वही पुरानी बजट चली आ रही है. राज सिन्हा ने बताया कि धनबाद में करोड़ों का डेरी प्लांट बंद पड़े हुए है उसे ठीक क्यों नहीं किया जा रहा है अब नई इकाई की शुरुआत गिरिडीह में खोलने की जा रही है. हमें छोटी बीमारियों के लिए दिल्ली वेल्लोर जाना पड़ रहा है. हम युवाओं के पलायन को रोकने के लिए क्या कर रहे है.
राजस्वविभाग में करोड़ों का घोटाला
विपक्षी विधायक ने कहा कि स्व निबंधन विभाग में करोड़ों का घोटाला का मुद्दा भी उठा. लेकिन, उन अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई है. 1200 करोड़ से अधिक का जीएसटी घोटाला हुआ है. इस पर जांच और कार्रवाई कितने अधिकारियों पर हुई है. सीएम दावोस गए तो कितने लोगों को रोजगार मिल रहा है इस पर सरकार को श्वेत पत्र दायर करना चाहिए.





