झारखंड पुलिस का अनोखा अभियान : स्कूली बच्चों को कर रहे जागरूक,मादक पदार्थ,साइबर क्राइम और यातायात नियमों की दे रहे जानकारी
रांची:इन दिनोंझारखंड पुलिस स्कूली बच्चों के बीच जागरूकता की अलख जला रही है. इस दौरान शिक्षण संस्थानों में स्कूली बच्चों में मादक पदार्थ से दूर रहने, साइबर क्राइम से बचने और यातायात नियमों की पालन करने को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चला रही है. खास बात यह है कि इस जागरूकता अभियान का कमान झारखंड पुलिस के बड़े अधिकारियों ने संभाल रखा है और उनके द्वारा ही स्कूली बच्चों को जागरूकता का अनोखा पाठ पढ़ाया जा रहा है.
आमतौर पर स्कूल के क्लासों में विभिन्न विषयों के शिक्षक बच्चों को पढ़ाते नजर आते हैं, लेकिन यहां स्कूली बच्चों की लगी यह क्लास अपने आप में विशेष और अनोखा है. दरअसल,यहां कोई शिक्षक नहीं बल्कि आईपीएस अधिकारी शिक्षक की भूमिका में नजर आ रहे हैं. इस दौरान पुलिस के बड़े ऑफिसर बच्चों को विशेष जागरूकता का पाठ पढ़ा रहे हैं. कमरे में बच्चों का क्लास ले रहे.
रांची के ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह स्कूली बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दे रहे हैं. जो लोग यातायात नियमों का पालन नहीं करते इसका दुष्परिणाम क्या होता है या अभी बता रहे हैं, इसके लिए मॉनिटर का सहारा लिया जा रहा है. जिसके जरिए फोटो और वीडियो के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि किस तरह से यातायात नियमों का पालन कर सड़क को सुचारू ढंग से संचालित होने में सहयोग किया जा सकता है और जो लोग इसका उल्लंघन कर जान जोखिम में डालते हैं उसका नतीजा क्या होता है. ट्रैफिक एसपी ने बताया कि बच्चों यातायात नियमों के प्रति जागरूक होने से जीवन में यातायात नियमों के महत्व को समझ सकते हैं और स्कूली बच्चे अगर जागरूक होंगे तो अपने दोस्तों रिश्तेदारों और यहां तक कि अभिभावकों को भी जागरूक कर सकेंगे.
इस मौके पर मौजूद ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया कि सरकार ने मादक पदार्थ के सेवन से बचने के लिए भी स्कूलों में जागरूकता अभियान चला रही है. उनका कहना है कि बच्चों को मादक पदार्थ से बचने और उसके सेवन करने से जो घातक परिणाम होते हैं उसके बारे में जागरूक किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार नशीली पदार्थों के सेवन पर रोक लगाने के लिए बच्चों से लेकर आम आदमी को जागरूक करने को लेकर रणनीति भी बनाई है. इस रणनीति के तहत मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों की सूचना देने वालों को सरकार ने इनाम देने का भी प्रावधान किया है.
वहीं, डीएसपी मुख्यालय अजय आर्यन ने बच्चों को बताया कि साइबर क्राइम और साइबर ठगी से कैसे बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम भी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं, लेकिन अगर स्कूल ही बच्चों को इसके प्रति जागरूक किया जाए तो इसमें कमी लाई जा सकती है. वहीं, स्कूल प्रबंधन से भी पुलिस अधिकारियों को सहयोग मिल रही है. जबकि, स्कूल प्रबंधन का कहना है कि पुलिस प्रशासन की इस पहल से बच्चों में जागरुकता आएगी. साथ ही नशीली पदार्थ, यातायात नियमों और साइबर क्राइम जैसी घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद की जा सकती है.





