JHARKHAND NEWS : री-नीट मामला: झारखंड हाईकोर्ट का NTA से तीखा सवाल— जब OMR शीट में थे 660 अंक, तो रिजल्ट में 116 क्यों?
झारखंड हाईकोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA से एक तीखा सवाल पूछा है। अदालत ने जानना चाहा है कि नीट री-एग्जाम में शामिल एक अभ्यर्थी की ओएमआर शीट (OMR Sheet) पर 600 अंक मिलने के बावजूद, उसके फाइनल रिजल्ट में सिर्फ 116 अंक ही क्यों दर्शाए गए?यह पूरा मामला जस्टिस आनंद सेन की अदालत में सुना गया। दरअसल, प्रार्थी लक्ष्य सिंह ने 21 जून को आयोजित NEET-UG पुनर्परीक्षा-2026 में कम अंक मिलने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान प्रार्थी के वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने अदालत को बताया कि जब छात्र ने NTA की वेबसाइट पर अपलोड की गई अपनी ओएमआर शीट को स्कैन किया, तो उसके 720 में से 660 अंक बन रहे थे। लेकिन जब रिजल्ट आया, तो स्कोर कार्ड में अंक घटकर सिर्फ 116 रह गए। वहीं, इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता प्रशंता पल्लव पक्ष रखने के लिए उपस्थित रहे।मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने NTA को सख्त निर्देश दिया है कि वह टेस्ट बुकलेट सीरियल नंबर 265208914 और रोल नंबर 2603107066 वाले इस अभ्यर्थी की मूल (Original) ओएमआर शीट एक सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे, ताकि सच्चाई सामने आ सके।इस मामले में अब दूध का दूध और पानी का पानी आगामी 4 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में होगा





