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JHARKHAND NEWS : जंगली हाथियों का तांडव: कई घरों की दीवारें, शटर और फसलें तबाह

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पोटंगा पंचायत क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात करीब एक बजे, तीन जंगली हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। अचानक हाथियों के गांव में घुस आने से ग्रामीणों की नींद उड़ गई और पूरे इलाके में भारी दहशत फैल गई। हाथियों ने कई घरों की दीवारें, बाउंड्री और शटर तोड़ दिए, साथ ही खेतों में खड़ी फसलों को रौंदकर किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ये तीनों हाथी सबसे पहले जरजरा क्षेत्र में दाखिल हुए। इसके बाद पारगढ़ा की ओर बढ़ने के दौरान रास्ते में इन्होंने जमकर तबाही मचाई।हाथियों ने तनु प्रजापति के घर की बाउंड्री को पूरी तरह तोड़ दिया।गणेश गंझू के घर की बगल की दीवार और महेश गंझू के भवन का शटर क्षतिग्रस्त कर दिया।हद तो तब हो गई जब हाथियों ने महेश गंझू की दुकान में रखे खाने-पीने के सामान—जैसे चना दाल, गुड़ और गेहूं का स्वाद चखा और उसे चट कर गए।

  • इसके अलावा, दीया टोला निवासी जोगेंद्र कुमार की चहारदीवारी और एक मंदिर का मुख्य गेट भी हाथियों ने तोड़ डाला।वहीं, संजय प्रजापति के घर की बाउंड्री और उनके खेतों में लगी मकई, धान और बाजरा की फसलों को भी पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया।=हाथियों के गांव में प्रवेश करते ही लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में दुबक गए। पूरी रात गांव के लोगों ने डर के साए में काटी। काफी देर तक उत्पात मचाने के बाद, तीनों हाथी पारगढ़ा जंगल की ओर लौट गए। हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार शनिवार दोपहर तक भी हाथियों के जंगल में ही मौजूद होने की सूचना मिल रही थी, जिससे लोगों में अब भी डर का माहौल बना हुआ है।इस घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यशैली को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों की शिकायत है कि सूचना मिलने के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर बहुत देर से पहुंची।
    ग्रामीणों ने मांग की है कि:
    हाथियों की लगातार निगरानी की जाए और उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों से दूर खदेड़ा जाए।क्षतिग्रस्त हुए घरों, दुकानों और फसलों का जल्द से जल्द स्थलीय निरीक्षण कर उचित मुआवजा दिया जाए।साथ ही, ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते हाथियों की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे दोबारा गांव का रुख कर सकते हैं, जिससे जान-माल का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।