JHARKHAND NEWS : धीरज प्रसाद साहू ने लोहरदगा में फहराया तिरंगा, राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने लोहरदगा जिले के विभिन्न संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा शैक्षणिक परिसरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।ध्वजारोहण के बाद आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उन वीर सपूतों के त्याग, बलिदान और संघर्ष को याद करने का दिन है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को आजादी दिलाई। उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं, वह लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का परिणाम है। उनके सपनों का भारत बनाने की जिम्मेदारी आज हम सभी नागरिकों की है।
उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान और विविधता में एकता है। हमें संविधान में निहित मूल्यों की रक्षा करते हुए समाज में भाईचारा, प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत करना होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, अनुशासन, मेहनत और राष्ट्रभक्ति को अपने जीवन का आधार बनाएं तथा देश के विकास में सक्रिय योगदान दें।धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, लेकिन यहां के लोगों को उनका उचित अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा, जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और गरीब वर्ग के उत्थान के लिए सरकारों को संवेदनशील होकर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज देश के सामने बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी कई चुनौतियां हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और जनहित के मुद्दों को सदैव प्राथमिकता मिलनी चाहिए।पूर्व राज्यसभा सांसद ने विद्यार्थियों से कहा कि वे आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी अपनाएं। राष्ट्र के प्रति समर्पण, ईमानदारी और अनुशासन ही उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाएगा। उन्होंने कहा कि युवा ही भारत के भविष्य के निर्माता हैं और उनकी ऊर्जा तथा प्रतिभा से देश नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।उन्होंने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया और कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ केवल अधिकार प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रकृति, समाज और आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना भी है। सभी लोगों को अधिक से अधिक पौधारोपण करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में धीरज प्रसाद साहू ने सभी नागरिकों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, संविधान की गरिमा बनाए रखने तथा एक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। विभिन्न स्थानों पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति के गीतों और भारत माता की जय के नारों से वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर रहा।





