JHARKHAND NEWS : 18 की उम्र में ऑटो की छूट, पर ई-रिक्शा पर रोक: झारखंड के ये अजीब ट्रैफिक नियम!
देशभर के परिवहन कार्यालयों में इन दिनों एक अजीबोगरीब नियम चर्चा का विषय बना हुआ है। क्या आप जानते हैं कि अगर आपको ऑटो चलाना है, तो आपका ड्राइविंग लाइसेंस 18 साल की उम्र में बन सकता है... लेकिन अगर आप बैटरी से चलने वाला 'टोटो' यानी ई-रिक्शा चलाना चाहते हैं, तो आपकी उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए!
यह अजीब नियम पिछले कई सालों से चल रहा है। 18 साल के युवा जब लाइसेंस बनवाने पहुंचते हैं, तो उन्हें निराश लौटना पड़ता है। नतीजा यह होता है कि कई युवा बिना लाइसेंस के ही टोटो चलाने को मजबूर हैं।
एक जिले के आंकड़ों पर गौर करें तो स्थिति बेहद चौंकाने वाली है:
उस जिले में कुल 2,649 टोटो रजिस्टर्ड हैं।
इसके अलावा बिना रजिस्ट्रेशन के चलने वाले टोटो की संख्या अलग है।
लेकिन परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, मात्र 782 लोगों ने ही टोटो का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया है!
यानी साफ है कि बड़ी संख्या में लोग बिना लाइसेंस के जोखिम भरी ड्राइविंग कर रहे हैं। और अगर आप एलएमवी (LMV) लाइसेंस पर टोटो चलाते पकड़े गए, तो आपको ₹5,000 तक का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।
अब जरा परिवहन विभाग की लाइसेंस श्रेणियों को समझते हैं। सामान्यतः DTO कार्यालय 5 प्रकार के लाइसेंस जारी करता है:
16 साल की उम्र में: बिना गियर वाली 50cc तक की बाइक का लाइसेंस।
18 साल की उम्र में: गियर वाली बाइक और एलएमवी (LMV) का लाइसेंस।
मजेदार और हैरान करने वाली बात यह है कि एलएमवी लाइसेंसधारक 5 टन तक का भारी-भरकम वाहन चला सकता है—जैसे बोलेरो, स्कॉर्पियो, ट्रैक्टर या छोटा मालवाहक वाहन—यहाँ तक कि ऑटो भी! लेकिन वह बैटरी वाला 'टोटो' नहीं चला सकता। टोटो के लिए अलग श्रेणी है, जिसके लिए न्यूनतम उम्र 21 वर्ष तय की गई है।
आंकड़े बताते हैं कि जिले में कुल 1.25 लाख वाहन रजिस्टर्ड हैं, लेकिन लाइसेंस सिर्फ 49 हजार लोगों के पास है। नियमों की जानकारी के अभाव और अजीब विसंगतियों के कारण लोग सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं और अपनी जान गंवा रहे हैं।
जरूरत इस बात की है कि परिवहन विभाग इन नियमों की समीक्षा करे ताकि युवा अनजाने में कानून के दायरे से बाहर न हों।





