Hindi News / रांची के डॉ.यूएस वर्मा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

इंडोनेशिया में इंटरनेशनल होम्योपैथिक सेमिनार : रांची के डॉ.यूएस वर्मा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

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रांची: इंडोनेशिया के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल बाली में 30वां इंटरनेशनल होम्योपैथिक चिकित्सा सेमिनार का आयोजन किया गया. इसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय प्रख्यात कैंट होम्योपैथिक फार्मास्टिकल संस्थान ने किया.

सेमिनार के वरिष्ठतम चिकित्सक रांची के डॉ.यूएस वर्मा को होम्योपैथिक चिकित्सा जगत में उल्लेखनीय योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया. डॉ.यूएस वर्मा तीन दशक तक रांची स्थित बिरसा कृषि विवि के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी रहें है. वर्तमान में कहचरी चौक निकट डिप्टी पाड़ा स्थित यूएस पॉली क्लीनिक एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर के निदेशक हैं.

कार्यक्रम की अध्यक्षता कैंट होम्योपैथिक फार्मास्युटिकल के प्रबंधक डॉ.सोमनाथ देव ने की. सेमिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान के विश्व स्तरीय विभिन्न होम्योपेथिक दवा उत्पाद की गुणवत्ता और सफल उपचार की सफलताओं पर विस्तृत चर्चा की. एलोपैथिक और होम्योपैथिक चिकित्सा प्रणालियों में शिक्षा प्राप्त डॉ. वर्मा को दोनों विधाओं में विशेषज्ञता और विशिष्टता प्राप्त हैं. डॉ वर्मा ने चिकित्सक के रूप में हजारों मरीजों का कोरोना वायरस, लकवा, लीवर, किडनी, हार्ट और पुराने एवं असाध्य रोगों के सफल इलाज से ख्याति प्राप्त की हैं.

मौके पर बतौर विशिष्ट अतिथि डॉ. वर्मा ने बिहार के गयाजी के डॉ.वीरेंद्र कुमार, डॉ.चंद्र शेखर और डॉ.अर्चना कुमारी तथा बाराचट्टी के डॉ. ब्रजेश कुमार को होम्योपैथिक चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उत्कृष्ट चिकित्सक अवार्ड और शॉल पहनाकर सम्मानित किया. सेमिनार को संबोधित करते हुए डॉ. यूएस वर्मा ने बताया कि एलोपैथिक चिकित्सा नि: संदेश इमरजेंसी आपातकालीन चिकित्सा के लिए जीवन रक्षक और सर्जरी चिकित्सा मरीजों के लिए वरदान और सर्वोपरि चिकित्सा प्रणाली हैं. इसी तरह पुराने और असाध्य बीमारियों, बारम्बार होने वाले जटिल रोगों, सायटिका, जोड़ो का दर्द, मधुमेह, लीवर, किडनी और हार्ट आदि रोगों के उपचार में होम्योपैथिक दवाइयों से सटीक इलाज किया जा रहा है, जिसका मरीजों पर कोई साइड इफेक्ट नहीं देखा गया है. फाईब्राइड, बच्चों और बुढ़ापे में होने वाली विभिन्न बीमारियों का भी बेहतर इलाज होम्योपैथिक चिकित्सा से सफलतापूर्वक की जा रहीं है.

डॉ. वर्मा को पुराने और असाध्य रोगों के चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु झारखंड सेवा रत्न अवार्ड, राष्ट्रीय सेवा रत्न अवार्ड, विश्व चिकित्सा सेवा रत्न अवार्ड, मिलेनियम आइकन अवार्ड सहित अनेकों अवार्ड प्राप्त हुए है.

सेमिनार में भारत,इंडोनेशिया और विभिन्न देशों के करीब 85 होम्योपैथिक चिकित्सक सम्मिलित हुए.इस दौरान चिकित्सकों ने होम्योपैथिक चिकित्सा प्रणाली से असाध्य, जटिल और पुराने बीमारियों के अनुसंधान और उसके सफल उपचार पर अपने अनुभवों को प्रस्तुत एवं साझा किया.

सेमिनार में भारत से डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. सिद्धार्थ गौरव, डॉ.संतन कुमार, डॉ.सुरभि कुमारी, डॉ. सोनी कुमारी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. रौशन कुमार, डॉ. एसके वर्मा, डॉ. उपेंद्र कुमार, डॉ. अनंत कुमार सहित इंडोनेशिया और विभिन्न देशों के जाने माने चिकित्सकों ने भाग लिया.

बाली से वापसी क्रम में डॉ यूएस वर्मा ने सिंगापुर और मलेशिया में होम्योपैथिक चिकित्सकों को होम्योपैथिक चिकित्सा प्रणाली के नए शोध और रोग उपचार विषय पर व्याख्यान दी. इसका आयोजन कैंट होम्योपैथिक फार्मास्युटिकल के सौजन्य से की गई थी ।यह जानकारी दे यूएस वर्मा ने दी.