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हजारीबाग में बच्ची मर्डर केस : बेटे को बचाने के लिए कलयुगी मां ने अंधविश्वास में बेटी की चढ़ा दी बलि, तीन गिरफ्तार

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hazaribagh mein bacchi k sath hatya mamla hazaribagh mein bacchi k sath hatya mamla

हजारीबाग: जिले के विष्णुगढ़ में 12 साल की बच्ची के साथ हुई निर्मम हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में पुलिस ने भीम राम, भगतिन शांति देवी और बच्ची की मां रेशमी देवी को गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले झारखंड की डीजीपी तादाशा मिश्रा देर रात हजारीबाग पहुंचीं और अनुसंधान की समीक्षा की.जिसके बाद पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया. इधर, पोस्टमार्टम में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है.

साक्ष्य छुपाने के लिए अलग रूप देने की कोशिश

हजारीबाग पुलिस प्रशासन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की पूरी जानकारी दी. अष्टमी की रात को जब पूरा गांव उत्सव में डूबा था, तब एक घर के अंदर बच्ची की हत्या कर दी गई. बच्ची की मां ने इस घटना को तांत्रिक के कहने पर अंजाम दिया है. बच्ची के पिता कई सालों से बाहर काम करते हैं. बच्ची की मां ने इस घटना को आरोपी भीम राम के सहयोग से अंजाम दिया है. भीम राम के सहयोग से ही पहले बच्ची की हत्या की गई फिर उसके शव को साक्ष्य छुपाने के मकसद से बगीचे में फेंक दिया गया. यहां तक की शव के साथ दरिंदगी भी की गई थी.

तांत्रिक महिला की बातों में आई मां

पुलिस के अनुसार विष्णुगढ़ के कुसुंभा गांव में अंधविश्वास में घटना हुई है. बच्ची की मां और एक तांत्रिक महिला के क्रूर इरादों की वजह से बच्ची की जान गयी है. बच्ची की मां रेशमी देवी अपने बेटे की बीमारी ठीक कराने के लिए तांत्रिक के झांसे में आ गई थी. उसका बेटा मानसिक व शारीरिक रुप से कमजोर है. उसे ठीक करने के लिए मां ने बेटी कू बलि चढ़ा दी.
हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद साक्ष्य छुपाने के लिए इसे अलग रंग देने की कोशिश की गई. बच्ची की हत्या अंधविश्वास में गई थी.