हाजीपुर : दौलतपुर चांदी गांव के महादलित टोले में आजादी के 78 साल बाद बदलेगी सूरत,संघर्ष की कहानी होगी खत्म
हाजीपुर:जिले केदौलतपुर चांदी गांव के महादलित टोले में आजादी के 78 साल बाद विकास की पहली किरण खिली है. टोले को मुख्य सड़क से जोड़ने की प्रक्रिया तेज गति से शुरू हो चुकी है और जमीन की पैमाइश का काम चल रहा है. जेसीबी मशीनों से जंगल-झाड़ हटाकर रास्ता साफ किया जा रहा है. आजादी के बाद से अब तक यहां एक अदद पक्की सड़क तक नहीं थी. बरसात में कीचड़ और गर्मी में धूल के बीच यहां के लोगों का जीवन जानवरों से भी बदतर था. बीमार को खाट पर ढोकर ले जाना, बच्चों का स्कूल न जा पाना और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष करना यहां की नियति बन गई थी.
बस्ती में सड़क निर्माण का रास्ता साफ
जिलाधिकारी वर्षा सिंह की पहल के बाद वर्षों से उपेक्षित इस बस्ती में सड़क निर्माण का रास्ता साफ हुआ है.ग्रामीणों का दर्द साझा करते हुए लोगों ने बताया कि पिछले कई दशकों में सैकड़ों जिलाधिकारी आए और गए, लेकिन दौलतपुर चांदी के इस महादलित टोले की किसी ने सुध नहीं ली. वादे तो बहुत हुए मगर कुछ बदला नहीं.
जिलाधिकारी वर्षा सिंह नेमामले को लिया था संज्ञान
वैशाली की महिला कलेक्टर वर्षा सिंह ने इस बस्ती के दुख-दर्द को अपना समझा. मामले को संज्ञान में लेते ही उन्होंने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए. नतीजा यह हुआ कि महज एक महीने के अंदर सड़क निर्माण की कागजी प्रक्रिया पूरी कर जमीन पर काम शुरू हो गया.
महादलित टोले में खुशी की लहर
अब टोले में खुशी और उम्मीद की लहर है. बुजुर्गों की आंखों में आंसू हैं तो युवाओं के चेहरों पर मुस्कान है. लोगों का कहना है कि डीएम वर्षा सिंह ने सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि सम्मान और बराबरी का रास्ता दिया है. यह सड़क सिर्फ ईंट-पत्थर का रास्ता नहीं, बल्कि महादलित समाज को मुख्यधारा से जोड़ने वाला विश्वास का पुल साबित होगी.





