गिरिडीह : डुमरी में लोहा लदा दो ट्रक जब्त, इस धंधे में कुख्यात रॉकी यादव का नाम आया सामने
गिरिडीह: जिले के डुमरी थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोहा लदा दो ट्रक जब्त कर लिया है. पुलिस ने वाहन जांच के दौरान कागजत नहीं होने पर कार्रवाई की. जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया. बताया जा रहा है कि यह तस्करी पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर निवासी संदीप रॉय उर्फ रॉकी यादव द्वारा किया जा रहा था. जिसके ठिकानों पर पहले भी जीएसटी के डीजीजीआई की टीम दबिश दे चुकी है. टीम नेछापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज भी बरामद किया था.
मुनचुन ट्रेडर्स के पेपर का किया इस्तेमाल
बताया जा रहा है कि इस तस्करी में मुनचुन ट्रेडर्स फॉर्म के पेपर का इस्तेमाल किया गया है. बताए कि मुनचुन ट्रेडर्स वही फॉर्म है जिसके ऊपर बंगाल सरकार को करोड़ों रुपए का चुना लगाने का आरोप लगा है. फॉर्म की कारनामा को देख डिपार्टमेंट द्वारा इसके लाइसेंस को कैंन्सल कर दिया गया है. गौरतलब है की रॉकी यादव खुद इस काला खेल का मास्टरमाइन्ड है. यहां तक कि इस गौरख धंधा में उसने अपने भाई को भी शामिल कर लिया है.
दुर्गापुर के बाउन्सर की मदद से तस्करी के दौरान रॉकी का गाड़ी पार कराया जाता है. रॉकी कई आसामाजिक तत्व के लोगों के संपर्क में है. जो कि कई गंभीर मामलों में अपराधी है. यहां तक कि रॉकी ऐसे लोगों को संरक्षण देकर अपने लिए गुर्गे पाल रहा है.
सेल कंपनी के नाम पर जीएसटी का खेल
पश्चिमबंगाल में मुनचुन ट्रेडर्स को ब्लैकलिस्ट किए जाने के बावजूद उसका कारनामे जारी है. गड़बड़ियों को देखते हुए विभाग ने पहले ही इस फर्म का लाइसेंस रद्द कर दिया था. आरोप है कि मुनचुन ट्रेडर्स वास्तव में अस्तित्व में नहीं है और यह एक सेल कंपनी के रूप में संचालित होती रही है. बताया जा रहा है कि इसी कंपनी के नाम पर कई वर्षों से बड़े पैमाने पर वित्तीय खेल चलता रहा. हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर आरोपों और विभागीय कार्रवाई के बावजूद डीजीजीआई की टीम की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
जानिए कौन है संदीप रॉय उर्फ रॉकी यादव
रॉकी यादव के ठिकाने पर 7 जनवरी 2026 को रेड हुआ था. रेड का इंचार्ज धनंजय सिंह थे. झारखंड के कई थानों में उसके खिलाफ मामला भी दर्ज है. संदीप रॉय उर्फ रॉकी के पिता ट्रांसपोर्ट से वर्षों से जुड़े है. इसी के तहत धीरे-धीरे रॉकी भी ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय में जुड़ता गया. सूत्र बताते है कि संदीप उर्फ रॉकी दुर्गापुर, कांकसा के वामूनारा, जमुरिया के प्लांट से लोहा और सरिया बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में भेजता है. प्रत्येक दिन तस्करी कर कई ट्रक निकलते हैं. जिसमें जीएसटी को चुना लगाया जाता है. रॉकी कुछ अधिकारी के साथ मिलकर बैखोफ कारोबार चल रहा है. 2024 में पहली बार धनबाद में बिना जीएसटी के लोहा के सरिया लदा ट्रक बरामद हुआ था. जिसमें संदीप रॉय उर्फ रॉकी यादव का नाम सामने आया था.
जीएसटी के खुफिया महानिदेशालय भी सवालों के कटघरों
जीएसटी के खुफिया महानिदेशालय पर भी रॉकी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर सवाल खड़े हो रहे हैं. 7 जनवरी 2026 को 22 घंटा तक नूतनपल्ली में रॉकी के ठिकानों पर जांच चलने के बाद भी रॉकीअब तक जीएसटी की गिरफ्त से बाहर है. 2024 में जीएसटी चोरी के मामले में रॉकी का नाम आने के बाद क्यों सोया हुआ था. यहा तक कि छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल जब्त होने के बावजूद DGGI की टीम ने कोई कार्रवाई नहीं की.





