दरभंगा में सरकारी 15 पेड़ों की अवैध कटाई : केवटी BDO पर लगा गंभीर आरोप, वन विभाग ने शुरु की जांच
दरभंगा : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जल-जीवन-हरियाली अभियान के बीच दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड मुख्यालय से सरकारी पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आया है. इसकी शिकायत मिलते ही वन विभाग ने जांच शुरु कर दी है.
सरकारी पेड़ों की अवैध रुप से कटाई होने के मामले में शिकायतकर्ता इकबाल अंसारी का आरोप है कि करीब 50 वर्ष पुराने कीमती पेड़ समेत 14–15 पेड़ों को बिना किसी कागजी प्रक्रिया के काटकर गायब कर दिया गया है और इससे जुड़े साक्ष्य प्रशासन को सौंप दिए गए हैं. शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि सरकारी संपत्ति के संरक्षक माने जाने वाले प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पद का दुरुपयोग करते हुए लकड़ी को निजी उपयोग में लाने और ऐशो-आराम के लिए पलंग-सोफा बनाने का काम कराया. उन्होंने कहा है कि Indian Forest Act, 1927 तथा Forest Conservation Act, 1986 के तहत सरकारी परिसर में लगे पेड़ों की अवैध कटाई दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती है.
वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्र मोहन पासवान ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि आंधी-तूफान में पेड़ गिरने के बाद सुरक्षा कारणों से उसे हटवाया गया.
मिथिला वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी भास्कर चंद्र भारती ने बताया कि शिकायत मिली है और जांच के निर्देश दे दिए गए हैं. रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और सबकी नजर वन विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी है.





