सीएम हेमंत ने युवाओं को दी सौगात : 319 सहायक आचार्यों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को सौंपा नियुक्ति पत्र
रांची:मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय के सभागार में आयोजित नियुक्ति पत्र समारोह में कुल 319 इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित व चयनित आचार्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे. इस कार्यक्रम में सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर और उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव के साथ मुख्य सचिव अविनाश कुमार एवं शिक्षा विभाग के कई अधिकारी रहे. समारोह में नव नियुक्त अभ्यर्थियों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला. सीएम हेमंत सोरेन ने सभी को बधाईंया दी.
राज्य को अग्रणी बनाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाना है-सीएम
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नव नियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित किया. सीएम ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य को अग्रणी बनाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाना है. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आज सरकार की प्राथमिकताओं के मुताबिक राज्य के नव नियुक्तों को नियुक्ति पत्र दी जा रही है. उसी के तहत इंटर और स्नातक प्रशिक्षित आचार्य को आज नियुक्ति पत्र प्रदान की जा रही है, ताकि यह राज्यों में बच्चों के बीच शिक्षा का अलख जगाएंगे.
शिक्षा के क्षेत्र मेंझारखंड ने बनाई अलग पहचान
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आज झारखंड ने अपनी अलग पहचान बनाई है, लेकिन कई कारणों से राज्य लंबे समय तक विकास की दौड़ में पीछे रहा। उन्होंने कहा कि राज्य के सामाजिक ताने-बाने और यहां की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पहले से बेहतर योजना बनाकर काम करने की जरूरत थी.
शिक्षकों को सीएम हेमंत की नसीहत
सीएम ने शिक्षकों को नसीहत देते हुए कहा कि कई जगह शिकायतें मिलती रही है कि शिक्षकगण ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करना नहीं चाहते हैं. मुख्यमंत्री ने सलाह दी है कि शिक्षकों को ऐसा नहीं करना चाहिए नहीं तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कैसे शिक्षा मिलेगी. उन्होंने कहा कि शिक्षकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए. तभी राज्य का समूल विकास हो सकेगा.
'सरकार के 2 साल के कार्यकाल मेंडेढ़ लाख लोगों को मिली नौकरी'
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के पिछले 2 साल के कार्यकाल में एक से डेढ़ लाख लोगों को नौकरियां बांटी गई है और आने वाले समय में भी राज्य के युवाओं को हजारों नौकरियां बांटने की योजना है. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होगी तब भी हम राज्य के समग्र विकास की कल्पना कर सकते हैं.
इसके अलावा उन्होंने महिला के मसले को लेकर देशभर में हो रही राजनीति पर भी चिंता जताई और कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ना जरूरी है. इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.





