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कल्याण विभाग की समीक्षा : समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना लक्ष्य-मुख्यमंत्री

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रांची:झारखंड के सर्वांगीण विकास और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सख्त नजर आए. इसी कड़ी में सीएम हेमंत ने सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिए.

स्कॉलरशिप, साइकिल योजना और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अगले वर्ष साइकिल वितरण योजना से पहले कल्याण, उद्योग और शिक्षा विभाग मिलकर राज्य में साइकिल उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करें. साथ ही दिव्यांग छात्र-छात्राओं को ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने के लिए भी प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने योजना का मूल्यांकन कर भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिए. इस दौरान कुछ लाभुकों से ऑनलाइन बातचीत कर योजना के प्रभाव की भी जानकारी ली.


हॉस्टल, आश्रम स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट मांगी. रांची, पलामू सहित विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन छात्रावासों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने आश्रम स्कूलों को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तर्ज पर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा. वहीं विभाग के अस्पतालों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश भी दिया.

वन अधिकार पट्टा, खेल और कौशल विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने वन अधिकार पट्टा वितरण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने "अबुआ बीर अबुआ दिशोम" अभियान के तहत वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया. इसके साथ ही कल्याण विभाग के स्कूलों में जिला और राज्य स्तरीय इंटर-स्कूल खेल प्रतियोगिताओं के नियमित आयोजन पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि स्कूलों में एसआईआर और जनगणना से संबंधित जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि बच्चे अपने अभिभावकों को भी इन महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दे सकें.

नर्सिंग,ड्राइविंग और कौशल प्रशिक्षण के लिए नई पहल

मुख्यमंत्री ने कल्याण गुरुकुल के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं की वर्तमान स्थिति का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा. उन्होंने नर्सिंग स्कूलों में युवतियों के साथ-साथ युवकों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए. इसके अलावा विभाग को एक आधुनिक ड्राइविंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने को भी कहा. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और राज्य के वंचित वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.