Gaya :बिहार की 'पर्यटन नगरी' बोधगया से बड़ी खबर सामने आ रही है। बोधगया नगर परिषद् के सफाई कर्मचारियों ने काम पूरी तरह ठप कर दिया है। अंतराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर गंदगी का अंबार लग गया है। सफाई कर्मियों ने अब अल्टीमेटम दे दिया है कि जबतक उनकी मांगे नहीं होती काम पर वापस नहीं लौटेंगे।

बोधगया नगर परिषद क्षेत्र में कई दिनो से साफ सफाई का काम ठप हैं । कर्मचारियों का हड़ताल जारी हैं। बोधगया के विभिन्न बस्तियों व बौद्ध मठ के बाहर कचरे का अंबार जमा होने लगा है। चारों तरफ बदबू फैलने लगी है। यहां देश-विदेश से पर्यटन पहुंचते हैं। बौद्ध धर्मावलंबियों का महत्वपूर्ण केन्द्र होने की वजह से ये अंतराष्ट्रीय महत्व का क्षेत्र गंदगी और कचरे के अंबार में डूब गया है।

'पर्यटन नगरी' में पसरा कचरा, बोले- जब तक वेतन बढ़ोतरी नहीं काम नहीं

बिहार लोकल बॉडीज इम्पालइज फेडरेशन के बैनर तले 200 से भी ज्यादा सफाई कर्मचारी काम ठप कर हड़ताल पर बैठ गये हैं। उनका कहना है कि 13 सूत्री मांगों पर नगर परिषद पदाधिकारी और अध्यक्ष के द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा हैं । कोई पहल सफाई कर्मचारियों का हड़ताल को समाप्त कराने के लिए नहीं की जा रही है।

'पर्यटन नगरी' में पसरा कचरा, बोले- जब तक वेतन बढ़ोतरी नहीं काम नहीं

फेडरेशन के नेता गुलाब चंद प्रसाद ने कहा कि कोरोना काल से ही सफाई कर्मचारियों के वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस दौरान कोई बोनस भी नहीं दिया गया है। नगर परिषद् की तरफ से पिछले दिनों चुनार आचार संहिता का मामला बता इसे टाल दिया गया। बार-बार मांग उठाए जाने के बावजूद कोई संज्ञान नहीं लिया गया। अब तो आर-पार की लड़ाई तय है। प्रसाद ने कहा कि जब तक उनकी 13 सूत्री मांगे नहीं मानी जाती हैं वे हड़ताल पर डटे रहेंगे।

बोधगया से राजेश कुमार की रिपोर्ट ...