BIHAR NEWS : HRA भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग सख्त,शिकायत के बाद सभी मामलों की होगी जांच
पटना:बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को दिए जा रहे मकान किराया भत्ता (एचआरए) के भुगतान में अनियमितता की शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब एचआरए भुगतान के सभी मामलों की जांच कराई जाएगी। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक निशांत विवेक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
विभाग के अनुसार, शिकायत मिली है कि कुछ जिलों में शिक्षकों और कर्मचारियों को नियमानुसार निर्धारित दर से अधिक एचआरए का भुगतान किया जा रहा है। ऐसे मामलों की जांच कर गलत भुगतान को तत्काल ठीक करने और भविष्य में नियमों के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
शिक्षा विभाग की समीक्षा में यह भी सामने आया है कि कई जिलों में अवर्गीकृत शहरों की सीमा से आठ किलोमीटर के दायरे में स्थित स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को भी वर्गीकृत शहरों के बराबर अधिक दर से एचआरए दिया जा रहा है। विभाग ने इसे वित्त विभाग के नियमों के विरुद्ध माना है।
गौरतलब है कि वित्त विभाग के 18 जून 2024 के संकल्प के अनुसार एक जनवरी 2024 से राज्य कर्मियों के लिए संशोधित एचआरए व्यवस्था लागू है। इसके तहत पटना जैसे वर्गीकृत शहरों में मूल वेतन का 20 प्रतिशत, राज्य के अधिसूचित वर्ग-‘जेड’ शहरों में 10 प्रतिशत, अवर्गीकृत शहरों में 7.5 प्रतिशत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत की दर से एचआरए देय है।
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि एचआरए भुगतान की विस्तृत जांच कर नियमों के विपरीत भुगतान के मामलों में सुधार किया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भविष्य में सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को केवल निर्धारित नियमों और वास्तविक कार्यस्थल के आधार पर ही मकान किराया भत्ता दिया जाए। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और एचआरए भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।





