BIHAR NEWS : बिहार कैबिनेट की बैठक के बाद नई पहल की शुरुआत, अब मंत्री सीधे तौर पर रखेंगे अपनी बात
पटना: बिहार सरकार की कैबिनेट बैठकों में अब एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहा है. मुख्यमंत्रीSamrat Choudhary के निर्देश पर शुरू की गई नई व्यवस्था के तहत अब मंत्री स्वयं अपने विभागों का एजेंडा कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत कर रहे हैं. बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में इस नई पहल की औपचारिक शुरुआत हुई. इससे पहले तक विभागीय सचिव ही अपने-अपने विभागों के प्रस्ताव और योजनाएं कैबिनेट के सामने रखते थे, लेकिन अब संबंधित मंत्री सीधे तौर पर अपनी बात रखेंगे.
सरकार की इस पहल को प्रशासनिक जवाबदेही और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि जब मंत्री खुद अपने विभाग की योजनाओं, प्रस्तावों और जरूरतों को कैबिनेट के सामने रखेंगे, तो उनकी भूमिका सिर्फ राजनीतिक नेतृत्व तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे विभागीय कामकाज की गहराई से निगरानी और समझ भी विकसित करेंगे. इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने और फैसलों की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है.
कैबिनेट बैठक के दौरान कई मंत्रियों ने अपने विभाग का एजेंडा प्रभावी तरीके से रखा. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने पहले ही सभी मंत्रियों को निर्देश दिया था कि वे विभागीय कार्यों की पूरी तैयारी के साथ बैठक में शामिल हों. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंत्री अपने विभाग की प्राथमिकताओं, चुनौतियों और योजनाओं को बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकें.
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस बदलाव को“नई कार्यसंस्कृति” के रूप में देखा जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मंत्रियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही दोनों बढ़ेगी. साथ ही नौकरशाही पर पूरी निर्भरता कम होगी और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ेगी. सरकार इसे“गुड गवर्नेंस” और बेहतर समन्वय की दिशा में अहम कदम मान रही है.
बिहार की राजनीति में इस नई व्यवस्था की चर्चा तेज है, क्योंकि इसे सरकार की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव और निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-





