BIHAR NEWS : अनुसूचित जाति टोलों में श्री संत रविदास विकास शिविर लगा परिवारों को दिया जाएगा योजनाओं का लाभ - मंत्री लखेन्द्र कुमार
पटना : संत श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर शुरू किए गए संत श्री गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान का अगला चरण 27 अगस्त से शुरू होगा. इस दिन से राज्य के अनुसूचित जाति आबादी वाले टोलों और क्लस्टरों के समीप प्रत्येक गुरुवार को श्री संत रविदास विकास शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों के माध्यम से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पात्र परिवारों तक पहुंचाने के साथ उनकी वास्तविक जरूरतों की पहचान और समस्याओं के समाधान पर विशेष जोर दिया जाएगा. अभियान के तहत विकास शिविरों का आयोजन 27 अगस्त 2026 से 15 फरवरी 2027 तक किया जाएगा.
अभियान के शुरुआती चरण में 18 से 20 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय कलश यात्रा के माध्यम से लोगों को सामाजिक समरसता,सरकारी योजनाओं और अभियान के उद्देश्यों की जानकारी दी गई. अब जागरूकता के बाद योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में प्रशासनिक गतिविधियां तेज की जाएंगी.
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने कहा कि संत श्री गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान का उद्देश्य अनुसूचित जाति बहुल टोलों में रहने वाले प्रत्येक पात्र परिवार तक सरकार की योजनाओं और सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है. विकास शिविरों के माध्यम से केवल योजनाओं की जानकारी नहीं दी जाएगी,बल्कि परिवारवार जरूरतों की पहचान कर उन्हें संबंधित योजनाओं से जोड़ने की ठोस कार्रवाई की जाएगी. सरकार की कोशिश है कि कोई भी पात्र परिवार जानकारी,दस्तावेज या प्रक्रिया के अभाव में कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे.
टोलेवार होगी जरूरतों की पहचान
विकास शिविरों से पहले चिह्नित अनुसूचित जाति टोलों की मैपिंग कर वहां रहने वाले परिवारों की योजनावार स्थिति का आकलन किया जाएगा. इसमें यह देखा जाएगा कि कौन-से परिवार पहले से सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं और किन पात्र परिवारों को अभी भी योजनाओं या बुनियादी सुविधाओं से जोड़ा जाना बाकी है.
परिवारवार स्तर पर आवास,राशन,बिजली,पेयजल,स्वास्थ्य,शिक्षा,रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसी जरूरतों की पहचान की जाएगी. साथ ही आयुष्मान कार्ड,आवास योजना,कौशल प्रशिक्षण,पेंशन सहित अन्य योजनाओं से वंचित पात्र लाभुकों को चिह्नित किया जाएगा.
एक ही स्थान पर मिलेंगी कई सेवाएं
श्री संत रविदास विकास शिविरों की खासियत यह होगी कि ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े. सरकारी भवनों अथवा मैदानों में लगाए जाने वाले इन शिविरों में संबंधित विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की तैयारी है. पात्रता के अनुसार आवेदन,दस्तावेजों की प्रक्रिया और योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई मौके पर ही किए जाने पर जोर रहेगा.
22 योजनाओं को बनाया गया अभियान का आधार
शिविरों में 22 प्रमुख योजनाओं एवं सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. इनमें राशन कार्ड,उज्ज्वला योजना,शिक्षा में दाखिला,आंगनबाड़ी सेवाएं,जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र,आधार कार्ड,कुशल युवा कार्यक्रम,मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता,ई-श्रम/श्रमिक कार्ड,आयुष्मान भारत/स्वास्थ्य कार्ड,प्रधानमंत्री आवास योजना,वास-भूमि बंदोबस्ती और सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं.
इसके अलावा हर घर नल-जल,पक्की गली-नाली,मनरेगा जॉब कार्ड,जन-धन खाता,जीवन ज्योति एवं सुरक्षा बीमा,बिजली कनेक्शन,जीविका समूह और लोहिया स्वच्छता अभियान से पात्र परिवारों को जोड़ने की भी कार्रवाई की जाएगी.
शत-प्रतिशत संतुष्टि पर फोकस
अभियान का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देना नहीं,बल्कि अनुसूचित जाति आबादी वाले टोलों में पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाकर शत-प्रतिशत संतुष्टि सुनिश्चित करना है. टोलेवार और परिवारवार मैपिंग से प्रशासन को स्थानीय जरूरतों की स्पष्ट तस्वीर मिलेगी और उसी के आधार पर योजनाओं की पहुंच बढ़ाई जा सकेगी.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--





