BIHAR NEWS : बिहार की बेटी बनी एक दिन की मुखिया, नीतीश कुमार का सपना साकार
पटना : पूर्वी चंपारण के मोतीहारी प्रखंड अंतर्गत गोढ़वा पंचायत के मुखिया राजू बैठा ने नीतीश कुमार के महिला सशक्तिकरण एवं बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के सामाजिक न्याय व महिला शिक्षा के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने पंचायत में अपने पंचायत के ही किशोरी को एक दिन का मुखिया बनाकर अन्य पंचायतों और राज्यों के समक्ष एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है.
लोकतान्त्रिक रुप से हुआ चयन
एक दिन की मुखिया के चयन के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया. यह आयोजन 25 जनवरी 2026,रविवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर किया गया. एक दिन की मुखिया के लिए किशोरी के चयन प्रक्रिया में गोढ़वा पंचायत निवासी व कक्षा 6 से 9 की बच्चियों को ही शामिल किया गया. इन्हीं प्रतिभागियों में से प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले का चयन किया गया,जिसमें प्रथम प्रतिभागी रही अनुष्का कुमारी को 26 जनवरी 2026 के लिए एक दिन की मुखिया की घोषणा की गई. दूसरे व तीसरे स्थान के प्रतिभागी को सांत्वना पुरस्कार एवं शेष प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र के साथ ही साथ मेडल प्रदान किया गया.
प्रतियोगिता परिणाम
एक दिन की मुखिया कार्यक्रम के अंतर्गत—
प्रथम स्थान: अनुष्का कुमारी
द्वितीय स्थान: सुचिता
तृतीय स्थान: रागनी कुमारी
*कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए गोढ़वा पंचायत के लोकप्रिय मुखिया राजू बैठा ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य पंचायत क्षेत्र की बालिकाओं में शैक्षणिक,सामाजिक,राजनीतिक,आर्थिक,सांस्कृतिक,स्वास्थ्य,खेलकूद एवं नवाचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना है,ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें.
पंचायत भवन में बनेगा खेल केंद्र
मुखिया राजू बैठा ने बताया कि एक दिन की मुखिया बनने के साथ यह कार्यक्रम समाप्त नहीं होगा,बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली श्रृंखला का रूप लेगा. बालिकाओं में खेल भावना विकसित करने और उन्हें प्रखंड,जिला,राज्य,राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से पंचायत भवन,गोढ़वा में एक खेल केंद्र की स्थापना की जाएगी. यह केंद्र पूरी तरह से बालिका सशक्तिकरण एवं संवर्धन के लिए कार्य करेगा.
नीतीश कुमार के सपनों का बिहार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में पंचायती राज व्यवस्था को वास्तविक अधिकार,संसाधन और सम्मान मिला है. महिला सशक्तिकरण,बालिका शिक्षा,खेल और नेतृत्व विकास जैसे कार्यक्रम मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच का प्रतिफल है.
गोढ़वा पंचायत में आयोजित एक दिन की मुखिया कार्यक्रम इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब सरकार की नीतियाँ और जमीनी नेतृत्व एक साथ काम करते हैं,तो पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाई नहीं बल्कि विकास और सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बन जाती है.
यह पहल न केवल पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है,बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए नेतृत्व,आत्मविश्वास और समान अवसरों का मार्ग भी प्रशस्त करती है.





