BIHAR NEWS : आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में अनियमितताओं की जांच
पटना स्थित आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक गड़बड़ियों से जुड़े मामलों की जांच शुरू हो गई है। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सैयद अता हसनैन के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति का नेतृत्व उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव पवन कुमार सिन्हा करेंगे। इसे 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट राज्यपाल सचिवालय को सौंपनी है।जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय में संचित निधि यानी कार्पस फंड के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। इसके अलावा वित्तीय अनियमितताओं, अवैध नियुक्तियों और बिना निविदा के सामान की खरीद से जुड़े आरोपों की भी जांच की जाएगी। आउटसोर्सिंग कंपनी के साथ कथित मिलीभगत कर राशि के दुरुपयोग के आरोप भी जांच के दायरे में रखे गए हैं।
इसके साथ ही यात्रा भत्ता के गलत तरीके से भुगतान और प्रशासनिक शक्तियों के कथित दुरुपयोग से संबंधित मामलों की भी समिति पड़ताल करेगी। राज्यपाल सचिवालय ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया है।चार सदस्यीय समिति विश्वविद्यालय से संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करेगी तथा सामने आए आरोपों की वास्तविकता का पता लगाएगी। जांच के दौरान यदि किसी स्तर पर नियमों के उल्लंघन या वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।राज्यपाल सचिवालय को 15 दिनों में रिपोर्ट मिलने के बाद जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की संभावना भी जताई गई है। इस जांच से विश्वविद्यालय की नियुक्ति प्रक्रिया, खरीद व्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।





