BIHAR NEWS : पंचायती राज विभाग में परिचर्चा, एनएचआरसी के विशेष पर्यवेक्षक उमाकांत ने दिया संदेश
पटना :मानवाधिकार,जनहित,प्रशासनिक संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सोमवार को पंचायती राज विभाग के सभागार में परिचर्चा का आयोजन हुआ. इसमें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष पर्यवेक्षक उमाकांत शामिल हुए. उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर विशेष बल देते हुए कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियां आज मानवाधिकारों से भी प्रत्यक्ष रूप से जुड़ चुकी हैं. स्वच्छ पर्यावरण,सुरक्षित जीवन और सतत विकास की दिशा में सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं. उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों से ग्राम पंचायत स्तर पर इस दिशा में पहल करने का आह्वान किया.
पर्यवेक्षक उमाकांत ने विभागीय पदाधिकारियों को मानवीय संवेदना के साथ जनहित में काम करने पर प्रेरित किया. कहा कि प्रशासनिक कार्यों में संवेदनशीलता,पारदर्शिता और उत्तरदायित्व का विशेष महत्व है. आमजन के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पदाधिकारियों को तत्परता के साथ काम करना चाहिए. आगे कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण क्षेत्र में शासन और जनसेवा की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं. ऐसे में विभागीय पदाधिकारियों की भूमिका केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है,बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सेवाओं,सुविधाओं और न्यायपूर्ण व्यवहार को सुनिश्चित करना भी है.
कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली में मानवीय दृष्टिकोण को अधिक सशक्त बनाना और जनसेवा को संवेदनशील,उत्तरदायी व पर्यावरण-सम्मत बनाना रहा. मौके पर संयुक्त सचिव सुभाष कुमार शर्मा,विशेष कार्य पदाधिकारी मो. वसीम अहमद,ललित रही और राज ऐश्वर्य श्री,सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.





