BIHAR NEWS : पटना एम्स में पहली बार लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट, 18 घंटे चली जटिल सर्जरी
Patna : राजधानी पटना स्थित एम्स में पहली बार जीवित दाता यानी लिविंग डोनर से लिवर ट्रांसप्लांट करने में सफलता मिली है. यह बिहार में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है. एम्स पटना में यह जटिल प्रत्यारोपण करीब 18 घंटे तक चली सर्जरी के बाद सफलतापूर्वक किया गया.
लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट के दौरान स्वस्थ व्यक्ति के लिवर का एक हिस्सा निकालकर जरूरतमंद मरीज में प्रत्यारोपित किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में मरीज के साथ-साथ डोनर की सुरक्षा और स्वास्थ्य की लगातार निगरानी बेहद महत्वपूर्ण होती है.
पटना एम्स में हुए इस ट्रांसप्लांट में दिल्ली के मैक्स साकेत की विशेषज्ञ टीम के निर्देशन में प्रक्रिया पूरी की गई. एम्स पटना के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग की टीम ने भी ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पूरी चिकित्सा प्रक्रिया को संभाला.
जीवित दाता से लिवर ट्रांसप्लांट शुरू करने की तैयारी पटना एम्स में लंबे समय से चल रही थी. संस्थान में इससे पहले सितंबर 2025 में कैडेवर डोनर यानी मृत दाता से लिवर ट्रांसप्लांट किया जा चुका है. अब लिविंग डोनर ट्रांसप्लांट की सफलता से बिहार में गंभीर लिवर रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद बढ़ी है.
एम्स प्रशासन के अनुसार,मरीज और लिविंग डोनर दोनों की स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रख रही है. फिलहाल दोनों की विस्तृत मेडिकल स्थिति के बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
एम्स पटना की ओर से मरीज और डोनर की स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जानकारी 17 अगस्त को साझा किए जाने की उम्मीद है. यह उपलब्धि बिहार में लिवर ट्रांसप्लांट सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--





