BIHAR NEWS : बिहार में नाबालिग अपराधियों की बढ़ती फौज, चार वर्षों में 131% उछाल, पटना बना हॉटस्पॉट
पटना: बिहार में किशोर अपराध चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और राज्य स्तरीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में राज्य में जुवेनाइल क्राइम के मामलों में131प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. वर्ष2021में जहां2,180मामले दर्ज हुए थे, वहीं2024में यह आंकड़ा बढ़कर5,037तक पहुंच गया. वर्ष2025में यह संख्या5,400के पार जा चुकी है. यानी बिहार में प्रतिदिन औसतन13से अधिक किशोर अपराध के मामले सामने आ रहे हैं.
आंकड़ों के मुताबिक, हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों में भी बिहार देश में शीर्ष पर है. वर्ष2024में देशभर में दर्ज2,004जुवेनाइल हत्या प्रयास मामलों में से673मामले अकेले बिहार से जुड़े थे. चोरी, मोबाइल स्नैचिंग, बाइक चोरी, साइबर फ्रॉड, नशा कारोबार और गैंग विवाद जैसे अपराधों में नाबालिगों की संलिप्तता लगातार बढ़ रही है.
रिपोर्ट बताती है कि अपराध में शामिल77.7प्रतिशत किशोर16से18वर्ष आयु वर्ग के हैं, जबकि22.3प्रतिशत की उम्र12से16वर्ष के बीच है. विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया का प्रभाव, ऑनलाइन गैंग संस्कृति, त्वरित आर्थिक लाभ की चाह और पारिवारिक निगरानी में कमी इसके प्रमुख कारण हैं.
जिलावार आंकड़ों में राजधानी पटना सबसे बड़ा जुवेनाइल अपराध केंद्र बनकर उभरा है. वर्ष2024-25 में यहां612 मामले दर्ज किए गए. इसके बाद मुजफ्फरपुर (318), गया (276), भागलपुर (241) और दरभंगा (228) का स्थान रहा. बढ़ते किशोर अपराध ने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--





