बिहार की ग्राम पंचायतों को मिले नए अधिकार : अब वसूल सकेंगी विज्ञापन शुल्क और नियंत्रित करेंगी भवन निर्माण
पटना:बिहार सरकार ने ग्राम पंचायतों को अधिक अधिकार देने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. विधानसभा में मंगलवार को बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक की प्रति सदन में वितरित की गई. प्रस्तावित संशोधन के तहत ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्र में लगाए जाने वाले विज्ञापनों पर शुल्क वसूलने का अधिकार दिया जाएगा. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े भवनों और विभिन्न निर्माण परियोजनाओं के नियमन की जिम्मेदारी भी पंचायतों को सौंपी जाएगी.
सरकार का कहना है कि वर्तमान बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006में विज्ञापन शुल्क का कोई प्रावधान नहीं है. इसके कारण पंचायतें इस मद से राजस्व प्राप्त नहीं कर पाती थी. नए संशोधन के लागू होने के बाद पंचायतें होर्डिंग,बैनर और अन्य विज्ञापनों पर निर्धारित शुल्क वसूल सकेंगी. इससे पंचायतों के स्वयं के राजस्व (ओन सोर्स रेवेन्यू) में वृद्धि होगी और स्थानीय विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे.
संशोधन विधेयक में ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से हो रहे अनियोजित निर्माण पर नियंत्रण के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं. प्रस्ताव के अनुसार गैर-आयोजना क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए पंचायतों को नक्शा स्वीकृत करने,निर्माण की निगरानी करने और पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी करने का अधिकार मिलेगा. इससे बिना अनुमति या मानकों के विपरीत होने वाले निर्माण पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी.
सरकार का मानना है कि इन नए अधिकारों से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क,जल निकासी,पार्क,सीवरेज,स्वास्थ्य,शिक्षा और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित होगा. साथ ही पंचायतों की भूमिका केवल स्थानीय प्रशासन तक सीमित नहीं रहेगी,बल्कि वे विकास और नियमन की प्रक्रिया में भी अधिक प्रभावी और सक्षम बन सकेंगी.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-





