मुंगेर में मनायी गयी बिहार की सबसे बड़ी दिवाली : 8 लाख दीयों से जगमग हुआ कल्याणपुर, बन गया एक नया रिकॉर्ड
MUNGER :मुंगेर के कल्याणपुर में मनायी गयी बिहार की सबसे बड़ी दिवाली, जहां एक साथ जलाए गए 8 लाख दिए। इस भव्य दीपोत्सव का शुभारंभ मुंगेर प्रमंडलीय आयुक्त, DM, SP, और डॉ. नीतीश चंद्र दुबे सहित कई गणमान्य लोगों ने किया। इस भव्य दीपोत्सव से पूरा कल्याणपुर गांव जगमगा उठा। वहीं, इस मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
दरअसल, प्रकाश पर्व दीपावली पर पूरे देश में इस समय धूम है। हर कोई अपने घर को सजाने संवारने में लगा हुआ है। इस कड़ी में बिहार के मुंगेर जिले में भव्य तरीके से ऐतिहासिक दिवाली मनाई गई, जिसको लेकर राज्य ही नहीं बल्कि देशभर में चर्चा हो रही।
दरअसल, बिहार के मुंगेर जिला मुख्यालय से लगभग 24 किलोमीटर दूर बरियारपुर प्रखंड के बड़ी दुर्गा महारानी कल्याणपुर के प्रांगण में शाम छोटी दीपावली के मौके ऐतिहासिक भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 8 लाख दीप जलाए गए, जो एक रिकॉर्ड बन गया।
वहीं, इस ऐतिहासिक दीपोत्सव का शुभारंभ मुंगेर प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार, डीएम अवनीश कुमार सिंह, मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद और खगड़िया सांसद राजेश वर्मा, डॉ. नीतीश चंद्र दुबे द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
वहीं, इस दीपोत्सव कार्यक्रम के पूर्व महापंडितों के वैदिक मंत्रोच्चारण के द्वारा गंगा महाआरती की गई और बड़ी दुर्गा मंदिर महरानी कल्याणपुर के प्रांगण में भी 51 हजार दीप जलाए गए, जिसमें एक सौ किलो गाय के घी की व्यवस्था की गई थी और मंदिर प्रांगण से लेकर एनएच-80 की सड़कों तक जाने वाले हर गलियों में लगभग 7 एकड़ की भूमि में 10 हजार लीटर तिल के तेल और 25 क्वींटल घी से कुल 8 लाख दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया गया, जो राज्य का सबसे बड़ा दीपोत्सव बन गया।
वहीं, दीपक जलाने के लिए मुंगेर के कई प्रखंड के अलावा अन्य प्रदेशों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालु ने भाग लिया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं एवं बच्चे मौजूद थे। इस दीपोत्सव को लेकर क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला, जो नि:स्वार्थ दीपोत्सव की सफलता के लिए अपना सहयोग दे रहे थे। वहीं, इस अवसर पर डॉ. नीतीश चंद्र दुबे ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि दीवाली पर अपने घरों में दीप जलाने के लिए केरोसिन तेल का इस्तेमाल नहीं करें, क्योंकि उससे वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. जहां तक हो सके दीप जलाने के लिए तिल या फिर सरसों तेल का प्रयोग करें.
उन्होंने कहा कि राज्य के सबसे बड़े दीपोत्सव को सफल बनाने में यूथ क्लब कल्याणपुर, काली पूजा समिति, बड़ी दुर्गा मंदिर समिति सहित ग्रामीणों का प्रमुख सहयोग रहा है. वहीं, बताते चलें कि इस दीपोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2019 में 1 लाख दीप जलाकर किया गया है। फिर वर्ष 2020 में 2 लाख 51 हजार, वर्ष 2021 में 5 लाख दीप जलाकर भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जा चुका है, जिसके बाद वर्ष 2022 में 6 लाख दीप जलाकर राज्य का सबसे बड़ा दीपोत्सव मनाया गया था और वहीं 2023 में 7 लाख 51 हज़ार दीप जलाया गया और इस बार 8 लाख दीए जलाकर राज्य की सबसे बड़ी दिवाली मनाई गई, जिसको लेकर लोगों में काफी उत्साह भी देखा गया।
(मुंगेर से अमृतेश कुमार सिन्हा की रिपोर्ट)





