BIG NEWS : पटना HC ने जॉनसन पेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को ‘जॉनसन’ नाम के उपयोग पर लगाई रोक
Patna : पटना हाईकोर्ट ने जॉनसन पेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को जॉनसन ब्रांड नाम का उपयोग करने पर रोक लगा दिया है. कोर्ट ने प्रतिवादी जॉनसन पेंट्स प्राइवेट लिमिटेड सहित उनके निदेशकों,निवेशकों,अधिकारियों,कर्मचारियों,प्रतिनिधियों,डीलरों,वितरकों,खुदरा विक्रेताओं,स्टॉकिस्टों,प्रतिनिधियों,असाइनियों,सहयोगियों,एजेंटों और उनकी ओर से कार्य करने वाले सभी अन्य व्यक्तियों को जॉनसन ट्रेडमार्क लेबल/लोगो/नाम/ट्रेड ड्रेस और रैपर के समान या भ्रामक रूप से मिलते-जुलते किसी अन्य ट्रेडमार्क के विज्ञापन,निर्माण,बिक्री,भंडारण,अपनाने,उपयोग और किसी भी प्रकार के लेन-देन के लिए प्रतिबंधित कर दिया.
जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस प्रवीण कुमार की खंडपीठ ने जॉनसन पेंट्स कंपनी की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया.
जॉनसन पेंट्स कंपनी ने पटना के वाणिज्यिक न्यायालय के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में केस दायर कर निषेधाज्ञा देने से इंकार करने के आदेश को चुनौती दी थी.
खंडपीठ ने पाया कि निचली अदालत ने समान उत्पादों के लिए एक ही चिह्न का उपयोग करने से भ्रम की स्थिति उत्पन्न होने और वादी की साख को नुकसान पहुँचने की संभावना पर विचार किये बिना आदेश दे दिया है. कोर्ट ने माना कि निषेधाज्ञा से इंकार करने पर अपूरणीय क्षति को नहीं देखा गया.
कोर्ट ने जॉनसन पेंट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके एजेंटों को जॉनसन चिह्न या किसी भी भ्रामक रूप से मिलते-जुलते चिह्न के तहत उत्पादों के निर्माण,बिक्री और विज्ञापन करने पर रोक लगा दिया. कोर्ट ने कहा कि वादी ने भ्रम और धोखे की संभावना,उपभोक्ता भ्रम की आशंका को लेकर केस दायर की है.
कोर्ट ने कहा कि निषेधाज्ञा आदेश नहीं दिये जाने से वादी की साख को अपूरणीय क्षति होने की संभावना है. कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादी ने विवादित ट्रेडमार्क का उपयोग कर वादी की ब्रांड पहचान को भी कमजोर करने का काम किया है,इससे जनता को धोखा होने की पूरी संभावना है. जिसका आकलन करना स्वाभाविक रूप से कठिन हैं.
कोर्ट ने कहा कि ट्रेडमार्क में भ्रम या धोखे को रोकने के लिए निषेधाज्ञा राहत देना अति आवश्यक है.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट--





