BIG NEWS : अवैध कोयला खनन पर सियासत, बाबूलाल मरांडी के बयान पर पक्ष-विपक्ष आमने सामने, मचा घमासान
रांची:झारखंड में अवैध कोयला खनन और तस्करी मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है.एक तरफ भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी नेX हैंडल पर किए गए पोस्ट से सियासी घमासाम मच गया है.
राजस्व को पहुंच रहा नुकसान
बाबूलाल ने आरोप लगाया है कि बंगाल के रानीगंज और झारखंड के धनबाद जिले में हो रहे अवैध खनन कर बड़े पैमाने पर तस्करी के जरिए बिहार और उत्तर प्रदेश की मंडियों तक कोयला पहुंचाया जा रहा है. प्रतिदिन सैकड़ों ट्रकों के माध्यम से करीब 5000 टन से भी ज्यादा अवैध कोयले की ढुलाई हो रही है. यह पूरा अवैध कारोबार फर्जी चालान और डिस्को पेपर के सहारे चल रहा है,जिससे राज्य को हर महीने अरबों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है. आरोप है कि इन कार्यों में पांडेय और सिंह गिरोह पुलिस व राज्य सरकार के संरक्षण में इस तस्करी को अंजाम दे रहे हैं.
केंद्रीय कोयला मंत्री से इस्तीफे की मांग
बाबूलाल मरांडी के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि कोयला खदानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार और केंद्रीय सुरक्षा बल के भरोसे होता है. ऐसे में अगर बाबूलाल मरांडी बोल रहे है कि अवैध खनन हो रहा है तो सबसे पहले केंद्रीय कोयला मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए,उसके बाद ही राज्य सरकार पर सवाल उठाए जाने चाहिए.
बीजेपी का दावा
वहीं,कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी के बयान पर जवाब देते हुए बीजेपी के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक ने कहा कि झारखंड अवैध खनन में कृतिमान स्थापित कर रहा है. अवैध खनन के कार्यों में संलिप्त लोगों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है और पुलिस अवैध खनन के लिए महीने का रेट तय कर रखती है. ऐसे में सरकार को पहले अपने गिरेबान में देखना चाहिए क्योंकि यह सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार के दलदल में डूबी चुकी है.
रांची से राहुल पाण्डेय की रिपोर्ट





