Hindi News / बिहार में घूसखोर थानेदार को सजा, तीन साल की जेल और जुर्माना, निगरानी...

BIG BREAKING : बिहार में घूसखोर थानेदार को सजा, तीन साल की जेल और जुर्माना, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप

Edited By:  |
big breaking big breaking

पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. इसी कड़ी में एक अहम मामले में विशेष निगरानी अदालत ने घूसखोरी के आरोप में एक थानेदार को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है. यह फैसला 8 अप्रैल 2026 को पटना स्थित निगरानी के विशेष न्यायालय द्वारा सुनाया गया,जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.

मामले के अनुसार,गया जिले के अतरी थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष लाल बाबू प्रसाद को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत दोषी पाया गया. उन पर रिश्वत लेने का आरोप था,जिसे निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने वर्ष 2006 में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. जांच के बाद अदालत में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए गए,जिसके आधार पर अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया.

अदालत ने आरोपी थानेदार को धारा 7 के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. इसके अलावा,धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(डी) के तहत भी तीन वर्ष की सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी. जुर्माना नहीं देने की स्थिति में एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.

इस फैसले के साथ ही यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी. निगरानी विभाग की सक्रियता के कारण ऐसे मामलों में तेजी से सुनवाई और सजा सुनिश्चित की जा रही है.

आंकड़ों के अनुसार,वर्ष 2026 में अब तक कुल 7 भ्रष्टाचार के मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है. वहीं,वर्ष 2025 में ऐसे 30 मामलों में दोषियों को सजा मिली थी. यह दर्शाता है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा रहा है.

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी. आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उनसे कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत की मांग करता है,तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें,ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सके.

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--