BIG BREAKING : राज्यपाल की अध्यक्षता में लोक भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, सीएम सम्राट एवं उच्च शिक्षा मंत्री हुए शामिल
पटना: बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक,पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया. बिहार लोक भवन में राज्यपाल-सह-कुलाधिपति की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई,जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी,उच्च शिक्षा मंत्री तथा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक में राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में चल रही सुधारात्मक पहलों की विस्तृत समीक्षा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
बैठक में विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया. सभी विश्वविद्यालयों को31दिसंबर2026तक“समर्थ”पोर्टल के सभी मॉड्यूल पूरी तरह लागू करने का निर्देश दिया गया. सरकार का मानना है कि इससे वित्तीय प्रबंधन,कर्मचारी सेवाओं और शैक्षणिक प्रशासन में पारदर्शिता आएगी तथा अनावश्यक खर्चों में भी कमी होगी.
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नवसृजित211सरकारी डिग्री कॉलेजों में संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों की केंद्रीकृत नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई. योग्य और प्रतिभाशाली शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए बेहतर वेतनमान और पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया गया. साथ ही फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम को अनिवार्य बनाते हुए शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण और क्षमता विकास पर बल दिया गया.
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई. स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अद्यतन करने,शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने,पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप तथा शोध छात्रवृत्ति योजनाओं को लागू करने पर सहमति बनी. सरकार का उद्देश्य बिहार के उच्च शिक्षण संस्थानों को शोध और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है.
इसके अलावा लंबित डिग्रियों के समयबद्ध वितरण,शिक्षकों और कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने तथा विश्वविद्यालयों के लिए नए और आधुनिक कानून का मसौदा तैयार करने जैसे मुद्दों पर भी निर्णय लिया गया. राज्यपाल ने कहा कि इन पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन से उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता,जवाबदेही,डिजिटलीकरण और शैक्षणिक उत्कृष्टता को नई मजबूती मिलेगी.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्यपाल द्वारा शुरू किए गए सुधारात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन कदमों से बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक सशक्त,प्रतिस्पर्धी और छात्र-केंद्रित बनेगी. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--





