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एक्शन में शिल्पी नेहा तिर्की : रांची के फिश फीड मिल में खामियां पाने पर भड़की,कहा-लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त

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रांची: सूबे की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने एक्शन मोड में है. मंगलवार को धुर्वा स्थित शालिमार बाजार में झास्को फिश द्वारा संचालित हाईजेनिक फिश मार्केट एवं फिश फीड मिल का औचक निरीक्षण किया. यह बाजार रांची सहित आसपास के क्षेत्रों के मत्स्य उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ताज़ी मछलियों की आपूर्ति होती है.

अव्यवस्था पर जतायी नाराजगी

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पाया कि बाजार से उपभोक्ताओं को लाभ तो मिल रहा है, लेकिन व्यवस्थाओं में कई सुधार की आवश्यकता है. अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 10 दिनों के अंदर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए है.

सुविधाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश

मंत्री ने संचालन प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए स्पष्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने का निर्देश दिया. इसमें विशेष रूप से रेंटल एग्रीमेंट, किराया निर्धारण (रेंटल फिक्सेशन) और दुकानदारों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा गया.

'मत्स्य बाजार विकसित करनासरकार की प्राथमिकता'

शिल्पी नेहा तिर्की ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि झारखंड के प्रत्येक जिले में इस प्रकार के आधुनिक एवं सुव्यवस्थित मत्स्य बाजार विकसित किए जाएं, ताकि मत्स्य किसानों और उपभोक्ताओं—दोनों को सीधा लाभ मिल सके. साथ ही, प्रत्येक जिले में मत्स्य पालन से जुड़े किसानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र (Training Centres) स्थापित करने हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.

मत्सय बाजार में प्रतिदिन लगभग 6 मीट्रिक टन मछलियों की आपूर्ति

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बाजार में प्रतिदिन लगभग 6 मीट्रिक टन मछलियों की आपूर्ति होती है, जो गेतलसूद, चांडिल, कोनार, मैथन, पंचेत एवं मसानजोर जैसे प्रमुख जलाशयों से लाई जाती है और यहां से विभिन्न बाजारों में वितरित की जाती है.

अद्यतन लेखा-जोखा भी प्रस्तुत करने का निर्देश

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने परिसर की साफ-सफाई, रख-रखाव और स्वच्छता मानकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. साथ ही, बाजार परिसर में संचालित फिश फीड मिल की आपूर्ति एवं वितरण का पूर्ण और अद्यतन लेखा-जोखा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.

मंत्री का किसानों से संवाद

इस अवसर पर मंत्री ने मत्स्य प्रशिक्षण में भाग ले रहे किसानों से भी संवाद किया. किसानों ने बताया कि आगामी 15 से 30 दिनों में फिश फीड की मांग में वृद्धि होने की संभावना है. इस पर मंत्री ने मत्स्य निदेशक को निर्देशित किया कि सभी जिलों से तत्काल मांग का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि समय पर किसानों को आवश्यक फिश फीड उपलब्ध कराई जा सके.

अधिकारियों को सख्त निर्देश

अंत में मंत्री ने सभी अधिकारियों को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए.