BREAKING NEWS : मकर संक्रांति को लेकर तिलकुट की दुकानों पर ग्राहकों की लगी भीड़, गया के तिलकुट की मांग विदेशों तक
गयाजी:मकर संक्रांति को लेकर गया शहर में तिलकुट की दुकानें सजी हुई है, जहां ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है. मुख्य रूप से शहर के रमना रोड, जीबी रोड, टिकारी रोड सहित अन्य कई सड़क मार्ग पर तिलकुट की दुकानें सजी हुई है, जहां लोग कतारबद्ध होकर खरीदारी कर रहे हैं.
वहीं खरीदारों का कहना है कि मकर संक्रांति पर तिल खाने का विशेष महत्व होता है. खासकर नदी में स्नान करने के बाद दान-पुण्य किया जाता है. इसके बाद तिल खाने की पुरानी परंपरा है. इसे लेकर खरीदारी कर रहे हैं, सिर्फ अपने परिवार के लिए ही नहीं बल्कि रिश्तेदारों के लिए भी खरीदारी कर रहे हैं. दूसरे देश में रहने वाले थाईलैंड, और सिंगापुर जैसे देशों में भी अपने परिजनों को भेज रहे हैं. तिलकुट की तासीर चूंकि गर्म होती है, इसलिए ठंड में इसका सेवन करना शरीर के लिए फायदेमंद होता है.

वहीं स्थानीय दुकानदार मनीष कुमार गुप्ता का कहना है कि गया का वातावरण तिलकुट के लिए काफी बेहतर माना जाता है, यहां का वातावरण और पानी तिलकुट को एक अलग स्वाद देता है. यही वजह है कि पूरे भारतवर्ष में कई जगह तिलकुट बनने के बावजूद गया के तिलकुट का स्वाद अलग होता है. तिल और चासनी मिलाने के बाद धीमी आंच पर सेका जाता है और काफी देर कुटाई करने के बाद यह तैयार किया जाता है. जिसके बाद यह खाने लायक होता है. वर्षों से तिलकुट का व्यवसाय कर रहे हैं. चीनी का तिलकुट400 रुपये किलो, खोवा और गुड़ का तिलकुट500रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है. जहां लोग बड़ी संख्या में खरीदारी कर रहे हैं. हमारे यहां का तिलकुट विदेश में भी भेजा जाता है.





