डेमोग्राफी से क्यों बढ़ी मोदी-शाह की चिंता ? : देश बचाने के लिए सरकार का बड़ा प्लान
डेमोग्राफी डर की वजह बन गई है? बड़े बड़े मुद्दों को मसल कर हल कर देने वाले मोदी-शाह भी इस मुद्दे को लेकर देश के भविष्य, आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक ताने -बाने में होने वाले संभावित बिगाड़ और चुनावी प्रक्रिया में विदेशी ताकतों के हस्तक्षेप को लेकर सहमे नजर आए। समस्या की विकरालता को सही तरीके से समझने, उसे बढने से रोकने और जिस हद तक सत्ता संरक्षण में समस्या स्थानीय होते हुए राष्ट्रीय प्रभाव डालने वाला दिख रहा है उसे नियंत्रित करने के लिए सरकार हर हद पार करने को तैयार है।
एजेंसियों के पास जो जानकारी है वो सरकार के कान खड़े करने को काफी थी। ऐसे में सरकार ने स्थिति-परिस्थिति, प्रभाव और रोकथाम के सुझाव के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया, जो राष्ट्रहित में निर्धारित समय में रिपोर्ट देगी, ताकि सरकार इस असंतुलन का कारण समझते हुए उसके निदान को लेकर कोई निर्णायक कदम उठा सके। वोट बैंक की राजनीति ने ऐसी समस्या को संजोने, उन्हें फलने-फूलने का अवसर देने वाले सियासी हितैषी भी खड़े कर दिए हैं। जिसके कारण नीति निर्धारन में सरकार के सामने संसद में पर्याप्त संख्याबल का होना भी एक चुनौती रही है, साथ ही लॉ एंड ऑर्डर स्टेट सबजेक्ट होने के कारण राज्य में भी स्व या सहयोगी शासन व्यवस्था अनिवार्य हो जाता है। अब जहां-जहां ये केन्द्र-राज्य वाली जुगलबंदी बन रही है वहां डेमोग्राफी में असामान्य बदलाव के तात्कालिक उपाय के तौर पर डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट की रणनीति पर काम शुरू हो गया है।
वोट बैंक की राजनीति के मरीजों के दिल में और देश के कोने-कोने में बसने वाले ये घुसपैठिए देश को गंदा कर रहे, सिस्टम के लिए समस्या बन रहे हैं और न सिर्फ देश के संसाधनों को चुपके-चुपके चट करते जा रहे हैं, बल्कि अपनी आबादी के बल पर सिस्टम के लूप होल का फायदा उठाकर सत्ता में भागीदारी भी सुनिश्चित कर रहे हैं, और ये बड़ा सामाजिक के साथ साथ चुनाव में सियासी मुद्दा भी बन गया है।
घुसपैठ को तो सुप्रीम कोर्ट भी देश पर विदेशी ताकतों के आक्रमण के एक तरीके के तौर पर देखता है। NSA इसे आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बता चुके हैं। राष्ट्र हित में संभावित खतरे को खत्म करने की तैयारी तेज हो गई है। ऐसे में सवाल तो पूछेंगे कि कई पॉकेट में आबादी के असामान्य बढ़ोत्तरी और इसके कारण बन रहे संभावित स्थिति को लेकर कमेटी तो हो गई है तैयार, अब पहचाने जाएंगे घुसपैठिये और होगा उनपर वार ? क्या मिलेगा विपक्ष के उस सवाल का जवाब कि कितने घुसपैठिए हैं सरकार ?
पटना से दीपक शर्मा की स्पेशल रिपोर्ट





