बगहा : खबर है बगहा से जहां वाल्मीकि टाईगर रिजर्व के जंगल से निकलकर एक आदमखोर बाघ कई ग्रामीणों को अपना शिकार बना चुका है। इस आदमखोर को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पूरी फौज मैदान में उतार दी है। वहीँ रिहायसी इलाके में बाघ की चहलकदमी ने ग्रामीणों के साथ वनकर्मियों की भी नींद उड़ा रखी है।
बगहा के जंगल किनारे बसे गांवों में इस आदमखोर बाघ को लेकर हर ओर दहशत और भय का माहौल है। बाघ की चहलकदमी ने ग्रामीणों के साथ वनकर्मियों की भी नींद उड़ा रखी है। खेतों में ग्रामीण जाने से परहेज़ कर रहे है और गांवों में लोग घर से भी झुंड बनाकर निकल रहे है। रेस्क्यू शुरू होने के बाद बाघ भी अपना ठिकाना बदलकर नए इलाकों में दहशत फैला रहा है। रेस्क्यू टीम की मॉनिटरिंग अब बिहार के मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक खुद कर रहे है।
वाल्मीकि टाईगर रिजर्व की ओर से किया जा रहा रेस्क्यू के असफल होने के बाद अब राज्यस्तरीय टीम बाघों के एक्सपर्ट के साथ रेस्क्यू के लिए मैदान में उतर गई हैं। नए इलाकों में घेराबंदी कर बाघ को कब्जे में लेने की कवायद चल रही हैं। इस रेस्क्यू में 60 फॉरेस्ट गार्ड, 5 वैन, 4 बड़े जाल, 2 ट्रेंकुलाइज गन, 2 ट्रैक्टर, 40 सीसीटीवी और एक ड्रोन की मदद ली जा रही है।
वहीँ अब सवाल यह उठ खड़ा हो रहा है कि आखिर जंगल के अपने आशियाना को छोड़कर रिहायशी इलाकों में शिकार की तलाश क्यो कर रहा है बाघ। साथ ही सवाल यह भी की आनेवाले दिनो मे बाघों की रिहायशी इलाकों में चहलकदमी पर नियंत्रण के लिए वन विभाग कोई बड़ा फैसला लेगा।

